स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण से मिली आजीविका को नई पहचान, स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने संभाली जिम्मेदारी
रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर स्थित ग्राम पंचायत बिरकोना, जिला मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर है।
खेती और व्यापार यहां के लोगों की प्रमुख आजीविका है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होने के कारण गांव में बड़ी संख्या में दुकानें हैं, जहां से निकलने वाला कचरा लंबे समय से पंचायत के लिए चुनौती बना हुआ था।
गांव के भीतर स्वच्छता के बावजूद मुख्य मार्ग पर बिखरा कचरा गांव की समग्र तस्वीर को प्रभावित करता था।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत स्वच्छता को व्यवहार और आजीविका से जोड़ने के प्रयासों ने इस समस्या का समाधान किया। ग्राम पंचायत द्वारा घर-घर एवं दुकानों से कचरा संग्रहण की व्यवस्था शुरू करने का प्रयास किया गया, लेकिन शुरुआती दौर में कोई व्यक्ति यह कार्य करने के लिए तैयार नहीं था।
कचरा संग्रहण को लेकर सामाजिक धारणा और झिझक के कारण योजना को धरातल पर उतारना चुनौतीपूर्ण रहा।
इस स्थिति में जिला पंचायत द्वारा स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और इससे होने वाले स्वास्थ्य लाभों को लेकर जागरूकता एवं प्रशिक्षण आयोजित किए गए। प्रशिक्षण के बाद ग्रामीणों की सोच में बदलाव आया और ग्राम के स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने कचरा संग्रहण की जिम्मेदारी स्वयं लेने की पहल की। इसके बाद 1 मई 2024 से ग्राम पंचायत बिरकोना में कचरा संग्रहण का कार्य औपचारिक रूप से शुरू हुआ।
स्व-सहायता समूह की महिलाएं मुख्य मार्ग पर स्थित दुकानों से नियमित रूप से कचरा संग्रहण करती हैं और इसके लिए 50 प्रतिमाह शुल्क लिया जाता है। ग्राम पंचायत द्वारा 15वें वित्त आयोग से समूह को आवश्यक व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणकृमास्क, दस्ताने, चश्मे और रिफ्लेक्टिव जैकेटकृउपलब्ध कराए गए। महिलाओं को सुरक्षित तरीके से कचरा संग्रहण एवं कचरा प्रबंधन के संबंध में प्रशिक्षण भी दिया गया। शुरुआत में सुरक्षा उपकरण पहनकर काम करना महिलाओं के लिए नया अनुभव था, लेकिन अब वे इन्हें नियमित रूप से उपयोग करती हैं। इससे वे संक्रमण के जोखिम से बचते हुए सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से आजीविका अर्जित कर रही हैं।
कचरा संग्रहण व्यवस्था शुरू होने के बाद ग्राम पंचायत बिरकोना की तस्वीर में उल्लेखनीय बदलाव आया है। गांव के चैक-चैराहे, सड़कें, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और बाजार परिसर पहले की तुलना में अधिक स्वच्छ दिखाई देते हैं। नियमित कचरा संग्रहण से खुले में कचरा फैलने की समस्या कम हुई है और स्वच्छ वातावरण से बीमारियों के जोखिम में भी कमी आई है।
ग्राम पंचायत के अनुसार, स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होने से ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। गंदगी से होने वाली बीमारियों की संभावना कम होने के साथ उपचार पर होने वाले अनावश्यक खर्च में भी बचत हो रही है। आज बिरकोना में स्वच्छता केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि स्व-सहायता समूह की महिलाओं के लिए रोजगार और सम्मान का माध्यम बन गई है। जिस काम को कभी छोटा और तुच्छ समझा जाता था, वही काम आज महिलाएं जिम्मेदारी और आत्मसम्मान के साथ कर रही हैं।