उत्तराखंड में भारी वर्षा और भूस्खलन ने जनजीवन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। देहरादून, चमोली समेत कई जिलों में स्थानों पर देर रात से तो रुद्रप्रयाग, नैनीताल में सुबह से वर्षा का क्रम बना हुआ है। नदी नाले उफान पर हैं।
बारिश के कारण कई मार्ग बंद
प्रदेश में मलबा आने से 86 मोटर मार्ग अवरुद्ध हैं। चमोली में 18 और रुद्रप्रयाग में 13 मार्ग बंद हैं, जबकि पिथौरागढ़ में टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग कुलागाड़ के पास बाधित होने के साथ कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग भी तीन स्थानों पर बंद है। इससे चीन सीमा से संपर्क प्रभावित हुआ है।
चमोली, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग के कई गांवों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और बीमारों को अस्पताल पहुंचाने में दिक्कतें सामने आ रही हैं। नैनीताल में ज्योलीकोट-अल्मोड़ा हाईवे पर दो गांवों के समीप पहाड़ी दरकने से यातायात बाधित हुआ। एनएच की टीम मलबा हटाने में जुटी है।
मौसम विभाग ने रविवार को 10 जिलों में वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया है। यात्रियों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की गई है।
मालदेवता में बही सड़क
देहरादून में भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। मालदेवता से सोंदना गांव में निर्माणाधीन सॉन्ग बांध साइट तक जाने वाली रोड अत्यधिक बारिश होने से कुंड गांव के पास सड़क बह गई है। क्षेत्र के हिंलासवाली , सौंदना, तौलियाकाटल, रगड़ गांव, घुड़सवालगांव, शेरा, पसनी, कुंड, हल्द्वाड़ी आदि ग्राम से संपर्क कट गया है।
जैंतानवाला की ग्राम सभा दयानगर में भारी बरसात और टोंस नदी में आए पानी की वजह से सुनीता उपाध्याय का मकान गिरने की कगार पर है।