पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस्लामाबाद के पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीआईएमएस) अस्पताल में लगी आग में 14 नवजात शिशुओं की मौत के मामले में 8 अधिकारियों को निलंबित करने और दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए हैं।
बुधवार को अस्पताल की तीसरी मंजिल की नर्सरी में आग लगी थी, जहां 15 नवजात शिशु इलाज करा रहे थे। आग तेजी से फैली और स्टाफ सिर्फ एक बच्चे को बचा सका।
जांच में बड़े लापरवाही के खुलासे
- जांच समिति की अंतरिम रिपोर्ट में अग्नि सुरक्षा और आपात तैयारी में गंभीर खामियां सामने आईं।
- नर्सरी में न तो फायर अलार्म था और न ही स्प्रिंकलर सिस्टम।
- आग और अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए विस्तृत प्रक्रियाएं और पर्याप्त प्रशिक्षण की कमी थी।
- आग लगने के समय सुपरवाइजरी स्टाफ मौजूद नहीं था। वार्ड में दो नर्सें, एक महिला सुरक्षा गार्ड और एक हाउस ऑफिसर मौजूद थे।
- आग लगने के 6 मिनट बाद आपात सेवाओं को सूचित किया गया। पहली प्रतिक्रिया टीम कॉल मिलने के 15 मिनट बाद पहुंची।
- अस्पताल की 13 मानक संचालन प्रक्रियाओं में से सिर्फ दो आग या आपात स्थितियों से संबंधित थीं।
किन-किन पर कार्रवाई
शरीफ ने जांच समिति द्वारा पहचाने गए अधिकारियों के खिलाफ विभागीय और आपराधिक कार्रवाई के आदेश दिए। इनमें शामिल हैं…
- अस्पताल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर
- दो जॉइंट एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर
- नियोनेटल विभाग के प्रमुख
- दो डॉक्टर
- सुरक्षा के असिस्टेंट डायरेक्टर
- कैपिटल डेवलपमेंट अथॉरिटी की आपात सेवाओं के प्रमुख