उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के विज्ञापन संख्या-03/2013 के तहत चयनित 497 संस्था प्रधानों (प्रधानाचार्य) को अब संबंधित एडेड माध्यमिक विद्यालयों (संस्थानों) में कार्यभार ग्रहण कराने की प्रक्रिया शुरू होगी। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के 31 जुलाई 2026 के आदेश के बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआइओएस) को पैनल का सत्यापन कराकर चयनित संस्था प्रधानों को नियमानुसार कार्यभार ग्रहण कराने के निर्देश दिए हैं।
भर्ती प्रकरण होई कोर्ट पहुंचा था
इस भर्ती का विज्ञापन उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने वर्ष 2013 में जारी किया गया था। भर्ती प्रकरण होई कोर्ट पहुंचा था। पहले निदेशालय ने दिसंबर 2022 में चयनित प्रधानाचार्यों को आवंटित विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण कराने पर रोक लगाई थी। इसके अलावा जो चयनित हाई कोर्ट के यथास्थिति के आदेश के पूर्व ही कार्यभार ग्रहण कर चुके थे, उनकी भी सूचना मांगी गई थी।
हाई कोर्ट का क्या है आदेश?
अब इस प्रकरण में विशेष अपील श्याम शंकर उपाध्याय व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य में हाई कोर्ट के 31 जुलाई 2026 के आदेश के बाद स्थिति बदल गई है। न्यायालय ने संबंधित विशेष अपीलों को स्वीकार करते हुए पहले के फैसले को निरस्त कर दिया है। हालांकि कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्ति की नियुक्ति में व्यक्तिगत स्तर पर कोई अनियमितता या कानूनी कमी है तो संबंधित व्यक्ति उस नियुक्ति को अलग से चुनौती दे सकता है।
18 मंडलों के पैनल का होगा सत्यापन
निदेशालय के निर्देश के अनुसार सभी 18 मंडलों के 497 चयनित प्रधानाचार्यों के लिए तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से जारी पैनल का सत्यापन कराया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षकों को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की वेबसाइट से पैनल का सत्यापन करने और चयनित अभ्यर्थियों को संबंधित संस्था में नियमानुसार कार्यभार ग्रहण कराने के लिए आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
वेबसाइट पर अपलोड कराने को कहा गया
शिक्षा निदेशक की ओर से जारी आदेश में शिक्षा सेवा चयन आयोग से भी विज्ञापन संख्या-03/2013 के तहत सभी 18 मंडलों के 497 संस्था प्रधानों का पुराना पैनल आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कराने को कहा गया है। इसके अलावा अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) को कार्यभार ग्रहण करने वाले संस्था प्रधानों की सूचना एकत्र कर निदेशालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।