केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) में अहम पदों पर अधिकारियों की नियुक्ति की है। हाल के दिनों में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के पेपर लीक और दूसरी चिंताओं को लेकर एनटीए को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
कार्मिक मंत्रालय के शुक्रवार को जारी एक आदेश के अनुसार, 2005 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) के अधिकारी अंशुमन शर्मा को एनटीए में पांच वर्ष के कार्यकाल के लिए संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है।
सत्य एस., रवि कुमार सिंह और प्रसन्ना वेंकटेश वी. को एजेंसी में निदेशक नियुक्त किया गया है। सत्य भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) के अधिकारी हैं, सिंह आइपीएस अधिकारी हैं और प्रसन्ना आइएएस अधिकारी हैं।
कार्मिक मंत्रालय के 27 अगस्त को जारी एक अन्य आदेश के अनुसार, 2016 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (सीमा शुल्क व अप्रत्यक्ष कर) अधिकारी अमित समदरिया को एनटीए में संयुक्त निदेशक के पद पर नियुक्त किया गया है।
यह कदम इसलिए अहम है क्योंकि केंद्र ने हाल ही में एनटीए की परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलावों की घोषणा की है। इनमें चार-स्तरीय पेपर जांच प्रक्रिया लागू करना, 600 विशेषज्ञों को हटाना और विषय-विशेषज्ञों को शामिल करना जैसे बदलाव शामिल हैं।
गौरतलब है कि पेपर लीक को लेकर देशभर में हुए विरोध-प्रदर्शनों के बीच तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को इस्तीफा दे दिया था।
इसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने परीक्षा प्रणाली को लीक-प्रूफ बनाने के लिए सुधारों की सिफारिश करने के वास्ते इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की थी।
टास्क फोर्स ने शुक्रवार को सार्वजनिक परीक्षाओं में व्यापक सुधारों पर सुझाव मांगे, जिनमें जवाबदेही तय करने और संस्थागत व्यवस्थाओं को मजबूत करने के उपाय शामिल हैं।