नेपाल में भोटे कोशी नदी में आई बाढ़ में बहे लोगों के शव कई स्थानों पर प्राप्त हो रहे हैं। इन शवों को नदी की धारा से निकालकर कई स्थानों पर पहचान के लिए रखा गया है।
ये शव रसुवा, नूवाकोट, चितवन, तानाहुन, नवलपरासी, गोरखा और अन्य जिलों से गुजर रही नदियों से मिल रहे हैं। इन शवों को अस्थायी रूप से बनाए गए मुर्दाघरों में पहचान के लिए रखा गया है।
चूंकि शवों की संख्या सैकड़ों में है इसलिए उन्हें अस्पतालों के मुर्दाघरों से इतर अस्थायी रूप से भी रखा गया है। इन स्थानों पर आकर लोग आपदा में मारे गए शवों में अपनों की पहचान कर सकेंगे।
भोटे कोशी नदी में बुधवार को अचानक बाढ़ आई थी और उसके बाद बाढ़ का पानी त्रिशूली और नारायणी नदियों में भी गया, इसके बाद इन नदियों के किनारे बसे शहरों-कस्बों में तबाही मची।
तिब्बत में फंसे 400 भारतीय सुरक्षित
भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, तिब्बती क्षेत्र में फंसे करीब 400 भारतीयों से संपर्क स्थापित हो चुका है और वे अपने परिवारों के संपर्क में हैं। शुक्रवार शाम तक इनमें से 153 भारतीय सड़क मार्ग से सुरक्षित नेपाल पहुंच गए। उन्हें भारत लाने की व्यवस्था की जा रही है।
वहीं, नेपाल से 85 भारतीयों को भी निकाला गया है। नेपाल में अब भी 320 भारतीयों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा करीब 100 भारतीय मूल के लोग भी लापता हैं, जिनमें कैलास मानसरोवर यात्रा पर गए ऐसे यात्री शामिल हैं जिनकी नागरिकता दूसरे देशों की है।