पश्चिम एशिया में कायम गतिरोध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान को अमेरिका के साथ बातचीत की मेज पर लौटने के लिए कोई तय समय-सीमा नहीं दी गई है।
उन्होंने कहा कि उन्हें बातचीत दोबारा शुरू कराने की कोई जल्दी नहीं है। गतिरोध कायम रहने से तेल आपूर्ति पर असर पड़ने के मद्देनजर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत बढ़कर 89 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं।
बाजार में पश्चिम एशिया से तेल की आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद कम होने को कीमतों में तेजी की एक प्रमुख वजह माना गया। उधर, कतर के पीएम सह विदेश मंत्री गुरुवार को ईरान पहुंचे और एक अस्थायी शिपिंग कॉरीडोर बनाने पर चर्चा की।
ट्रंप के बयान के बाद व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने भी स्पष्ट किया कि अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल कोई बातचीत नहीं हो रही है।
रॉयटर के अनुसार, उन्होंने फॉक्स न्यूज से कहा कि बातचीत तब तक शुरू नहीं होगी, जब तक राष्ट्रपति को यह भरोसा नहीं हो जाता कि ईरान किसी सार्थक तरीके से बातचीत के लिए तैयार है। उनके मुताबिक, अब तक ईरान की ओर से ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है।
आईएएनएस के अनुसार, कतर और ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से होकर एक अस्थायी शिपिंग कारिडोर बनाने पर चर्चा की है।
कतर के विदेश मंत्रालय के अनुसार, कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी ने गुरुवार को तेहरान में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के साथ प्रस्तावित अंतरिम व्यवस्था पर बातचीत की।
कतर ने पड़ोसी देशों की संप्रभुता और नौवहन की स्वतंत्रता के सम्मान की जरूरत पर जोर दिया। आईएएनएस के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने गुरुवार को कहा कि उनका देश पड़ोसी देशों के साथ मिलकर क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था बनाने के लिए तैयार है।
तेहरान में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि युद्ध क्या होता है, और यह भी जानते हैं कि जब मिसाइलें और बम गिरते हैं, तो वे ईरानी मां और अरब मां के सपनों में कोई फर्क नहीं करते। उन्होंने मुस्लिम देशों के बीच आपसी सुरक्षा और गैर-आक्रमण संधि का प्रस्ताव रखा।