नेपाल में बुधवार को हुई तबाही को याद कर इससे प्रभावित लोग अब भी सिहर उठते हैं। उनका कहना है-यह समझना नामुमकिन था कि क्या हो रहा है। हमारी आंखों के सामने ही बाजार और बस्ती तबाह हो गए।
इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो में कीचड़ और पानी की कई फीट ऊंची लहरों में इमारतें, लोग और जानवर बहते हुए दिखाई दे रहे थे। जब बचाव दल प्रभावित इलाकों में पहुंचा, तब पता चला कि कितने बड़े पैमाने पर तबाही आई थी।
सब चला गया बस यादें रह गईं
रसुवा जिले के सीमावर्ती शहर तिमुरे में बाढ़ में सब कुछ बह जाने के बाद गिरिलाल के पास अब सिर्फ पत्नी और चार बच्चों की यादें ही बची हैं।
38 साल के गिरिलाल भी उस आपदा की चपेट में आ गए थे, जो इतनी तेजी से आई कि कई लोगों को लगा जैसे भूकंप आ गया हो। इस बाढ़ ने पत्नी, दो बेटे और दो बेटियों समेत गिरिलाल का पूरा परिवार छीन लिया।
स्थानीय कचरा प्रबंधन कार्यालय के लिए ट्रक चलाने वाले गिरिलाल का इस समय काठमांडू के सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
अस्पताल के बाहर तस्वीरें लेकर खड़े रहे लोग
भरतपुर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाहर अपने भाई साबी की तस्वीर के साथ खड़ी लिपा सपकोटा ने कहा-हम लोगों को उसकी तस्वीरें दिखा रहे हैं और पूछ रहे हैं कि क्या किसी ने उसे देखा है।
उसका भाई बुधवार सुबह से लापता है। सपकोटा ने एक न्यूज पोर्टल को बताया कि अस्पताल में कुछ शव हैं। लेकिन, उनकी हालत ऐसी है कि उनकी पहचान करना आसान नहीं है।
एक अन्य व्यक्ति को नाश्ता करते समय पता चला कि कुछ बहुत बुरा हुआ है। उन्होंने नेपाल न्यूज वेब पोर्टल को बताया-बुधवार सुबह करीब 8.40 बजे जब मैं नाश्ता कर रहा था, तो खबर मिली कि तिमुरे में बाढ़ आ गई है। मैंने लोगों को कहते सुना कि तिमुरे पूरी तरह खत्म हो गया है। कुछ भी नहीं बचा है। ऐसा लगा जैसे भूकंप आ गया हो।