प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नौ राज्यों में फैली 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली छह प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं की मंगलवार को समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ऐसी परियोजनाओं में देरी न केवल लागत बढ़ाती है बल्कि लोगों, उद्योगों और अर्थव्यवस्था को समय पर मिलने वाले लाभों से भी वंचित कर देती है। उन्होंने ‘प्रगति’ की 53वीं बैठक की अध्यक्षता की।
सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आइसीटी) आधारित बहु माध्यम मंच ‘प्रगति’ को केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों को एकीकृत कर सक्रिय शासन और समयबद्ध क्रियान्वयन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने साइबर धोखाधड़ी और ‘डिजिटल अरेस्ट’ के मामलों की भी समीक्षा की। कहा कि प्रशिक्षण, जागरूकता और शिक्षा पर लगातार ध्यान देकर ऐसे अपराधों की रोकथाम के प्रयासों को और मजबूत किया जाना चाहिए।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पीएम मोदी ने विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, युवाओं और अन्य संवेदनशील वर्गों को धोखाधड़ी के आम तौर-तरीकों, खतरे के संकेतों और डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल के बारे में जानकारी देने के लिए निरंतर, लक्षित जन-जागरूकता अभियान चलाए जाने पर जोर दिया।
उन्होंने संबंधित कर्मियों के नियमित क्षमता निर्माण की आवश्यकता पर भी बल दिया जिससे साइबर धोखाधड़ी के नए तौर-तरीकों की जल्द पहचान कर समय पर कार्रवाई की जा सके।
पीएम मोदी ने बाद में एक्स पर कहा कि नौ राज्यों में रेलवे, सड़क और बिजली क्षेत्रों से जुड़ी 30 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आज की ‘प्रगति’ बैठक में समीक्षा की गई। हमारा ध्यान बेहतर संपर्क, तेज विकास, बेहतर सार्वजनिक सेवाओं और कम देरी पर है।
बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा कि अवसंरचना परियोजनाओं को अलग-अलग खंड, हिस्से या पैकेज के रूप में देखने के बजाय समग्र रूप से देखा जाना चाहिए। इसी तरह उनकी निगरानी की जानी चाहिए। अलग-अलग पैकेज में हुई प्रगति का अंतिम परिणाम पूरी परियोजना को समय पर पूरा करने और उसे चालू करने के रूप में सामने आना चाहिए।
इसी के मद्देनजर मंत्रालयों और राज्यों से परियोजनाओं को शुरू से अंत तक समग्र रूप में देखने और ऐसी महत्वपूर्ण कमियों को दूर करने को कहा गया जो पूरी परियोजना को क्रियान्वित करने तथा उसके लाभ लोगों तक पहुंचाने में देरी का कारण बन सकती हैं।
प्रधानमंत्री ने मंत्रालयों और राज्य सरकारों में सक्रिय कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन के हर स्तर पर अधिक जिम्मेदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से बड़ी परिवहन और अवसंरचना परियोजनाओं की योजना बनाते समय जहां संभव हो, वहां विभिन्न सेवाओं के लिए साझा गलियारे विकसित करने पर विचार किया जाना चाहिए।
एआई सहित नवीनतम डिजिटल प्रौद्योगिकियों के उपयोग पर जोर
प्रधानमंत्री ने डिजिटल कृषि मिशन के तहत ‘एग्रीस्टैक’ की समीक्षा करते हुए कृषि संबंधी आंकड़ों का अधिक प्रभावी उपयोग करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) सहित नवीनतम डिजिटल प्रौद्योगिकियों के उपयोग पर जोर दिया।
कहा कि कृषि से जुड़े आंकड़ों का उपयोग बीज, खाद और अन्य जरूरतों की योजना बनाने से लेकर कृषि उपज के प्रसंस्करण तक पूरी प्रक्रिया में प्रभावी ढंग से किया जाना चाहिए, ताकि बेहतर फैसले लिए जा सकें।