महाराष्ट्र के पालघर जिले में मतांतरण कराने की कोशिश करने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में पुलिस ने 22 महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह घटना 21 अगस्त को वाकडपाड़ा गांव में हुई।
मोखाडा पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर अजीत साबले के अनुसार, इस मामले में एफआइआर दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि इस सिलसिले में 22 महिलाओं को आरोपित बनाया गया है, जिनमें से दो मुख्य संदिग्धों की पहचान ठाणे जिले के उल्हासनगर की रहने वाली सत्यवती बालकृष्ण कुंचे और स्थानीय निवासी कुसुम शिवराम कांबडी के तौर पर हुई है।
इस मामले में 18 साल के एक छात्र ने शिकायत दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया कि शुक्रवार दोपहर महिलाओं का एक समूह उसके घर आया था।
इनमें से कुंचे ने उसे न्यू टेस्टामेंट समेत धार्मिक किताबें मुफ्त में देने की पेशकश की और दावा किया कि इन किताबों को पढ़ने से बीमारी ठीक हो जाएगी। वह बीमारियों से बचा रहेगा।
जब शिकायतकर्ता ने इसे लेने से इनकार कर दिया तो महिला ने कथित तौर पर हिंदू देवी-देवताओं और मान्यताओं का अपमान किया। उसने छात्र से अपनी पूजा बंद करने और ईसाई धर्म अपनाने को कहा।
शिकायतकर्ता ने मिलिंद जोले समेत स्थानीय ग्रामीणों को इस बारे में बताया। इसके बाद लोगों ने उस समूह को रोक लिया। शुरुआती जांच में पता चला है कि ये महिलाएं स्थानीय निवासी कुसुम कांबडी के जरिये हैदराबाद से आई थीं।