‘दबाव के आगे नहीं झुकेंगे…’, अमेरिका के नए प्रतिबंधों पर ईरान ने तैयार किया जवाबी प्लान…

 ईरान ने अमेरिका की ओर से लगाए गए नए आर्थिक प्रतिबंधों का जवाब देने की कसम खाई है। हालांकि, इसी के साथ तेहरान ने संकेत दिया है कि वह अमेरिका के साथ रुकी हुई कूटनीतिक प्रक्रिया को फिर से शुरू करने के लिए तैयार है।

पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की तेहरान यात्रा के बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत की संभावनाएं फिर दिखाई देने लगी हैं। पाकिस्तान ने यात्रा के दौरान तनाव कम करने, होर्मुज स्ट्रेट को फिर खोलने और ईरान-अमेरिका संघर्ष का बातचीत के जरिए समाधान निकालने पर चर्चा की बात कही है।

पाकिस्तान के अनुसार, बातचीत में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। रायटर के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति कार्यालय के उप संचार प्रमुख ने मुनीर की यात्रा को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इसके कूटनीतिक परिणाम जल्द सामने आएंगे। ईरानी अधिकारियों ने हालांकि मीडिया में चल रही उन खबरों को खारिज किया है कि मुनीर अमेरिकी धमकी लेकर तेहरान पहुंचे थे।

ईरानी सूत्रों के अनुसार, उन्होंने अमेरिका के साथ बातचीत की गुंजाइश तलाशने के साथ ईरान की शर्तें और रुख पाकिस्तान के जरिये अमेरिका तक पहुंचाने पर चर्चा की। ईरान की ओर से अमेरिका के जून के समझौते यानी इस्लामाबाद एमओयू पर लौटने और उसके प्रविधानों को लागू करने को महत्वपूर्ण शर्त बताया गया है।

प्रतिबंध हटाने के बदले होर्मुज खोलने का प्रस्ताव

एएनआई ने अल अरबिया के हवाले से दावा किया कि अमेरिका ने पाकिस्तान के जरिये ईरान को प्रस्ताव दिया है कि अगर तेहरान होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करता है और क्षेत्र में अपने प्राक्सी समूहों के हमले रोकता है तो अमेरिका समुद्री नाकेबंदी और आर्थिक प्रतिबंधों में राहत दे सकता है।

हालांकि, अमेरिका की ओर से इस प्रस्ताव की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, इसलिए इसे अमेरिकी प्रस्ताव के बजाय रिपोर्ट किए गए प्रस्ताव के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

ईरान की ओर से कहा गया है कि अमेरिका को पहले अपना रुख और व्यवहार बदलना होगा। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने चेतावनी दी कि अमेरिकी दबाव और धमकी से कूटनीतिक प्रक्रिया और मुश्किल होगी। वहीं ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका के साथ बातचीत में भरोसे की कमी को भी बड़ी बाधा बताया है।

आर्थिक मोर्चे पर अमेरिका का बड़ा दबाव

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्काट बेसेंट ने सोमवार को ईरान के खिलाफ नई व्यापक प्रतिबंध नीति की घोषणा की थी। इसके तहत करीब 60 व्यक्तियों, कंपनियों और जहाजों को निशाना बनाया गया है।

वाशिंगटन का लक्ष्य ईरान के तेल कारोबार, वित्तीय नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय व्यापार संबंधों पर दबाव बढ़ाना है। इसके साथ ही अमेरिका ने ईरान के साथ कारोबार जारी रखने वाले तीसरे देशों और कंपनियों पर भी भविष्य में द्वितीयक प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है।यह अमेरिकी रणनीति केवल ईरान की कंपनियों तक सीमित नहीं है।

वाशिंगटन अब उन देशों और कारोबारी नेटवर्क पर भी दबाव बढ़ाने की तैयारी में है, जो ईरान को वैश्विक वित्तीय व्यवस्था से जुड़े रहने में मदद करते हैं। इससे ईरान के लिए तेल बेचने, भुगतान हासिल करने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार करने की गुंजाइश और सीमित करने की कोशिश की जा रही है।

चीन पर अमेरिका ने बरती सावधानी

नई प्रतिबंध सूची में चीन की प्रमुख वित्तीय संस्थाओं को निशाना नहीं बनाया गया है, जबकि चीन ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार है। इसे अमेरिका और चीन के बीच व्यापक रणनीतिक रिश्तों को देखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बीजिंग ने मंगलवार को अमेरिकी दबाव का विरोध करते हुए कहा कि चीन और ईरान के बीच सामान्य आर्थिक और व्यापारिक सहयोग अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में है।

चीन ने अमेरिका से ऐसे सहयोग में हस्तक्षेप नहीं करने को कहा है और अपने वैध हितों की रक्षा करने की बात कही है।ट्रंप की होर्मुज को लेकर चेतावनीदूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान को कड़ी चेतावनी दी है।

न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी नौसेना ने अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में मौजूद सभी बारूदी सुरंगों को हटा दिया है या उन्हें नष्ट कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने दोबारा समुद्री मार्ग में माइन्स बिछाने की कोशिश की तो ऐसा करने वाले जहाज या नाव को नष्ट कर दिया जाएगा।

ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी स्पेस फोर्स इस रणनीतिक जलमार्ग पर लगातार नजर रख रही है। हालांकि, तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयास पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं।

ओमान के विदेश मंत्री भी होर्मुज और क्षेत्र की आगे की व्यवस्था पर बातचीत के लिए तेहरान पहुंचे हैं। इसी दौरान ओमान के पास एक तेल टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिससे क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता फिर बढ़ गई। किसी संगठन या देश ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

ईरान का संदेश- दबाव के आगे नहीं झुकेंगे

एपी के अनुसार, ईरान के आर्थिक मामलों के मंत्री अली मदानीजादेह ने कहा है कि तेहरान अमेरिकी प्रतिबंधों का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान अपने प्रमुख व्यापारिक साझेदारों, खासकर चीन और रूस, के साथ संबंधों को अमेरिकी दबाव से प्रभावित नहीं होने देगा।

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