रायपुर : रक्षाबंधन पर बहनों को मिला ‘विष्णु भैया’ का स्नेहिल उपहार…

31वीं किश्त से बिसाहीन के चेहरे पर खिली खुशियां

महतारी वंदन योजना की राशि समय से पहले मिलने से त्योहार की खुशियां हुईं दोगुनी

रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के स्नेह और अपनत्व का प्रतीक है। इस खास अवसर पर महतारी वंदन योजना की 31वीं किश्त की राशि महिलाओं को सितंबर माह के लिए समय से पहले मिलने से त्योहार की खुशियां और भी बढ़ गईं। मुंगेली जिले के ग्राम फुलवारी की श्रीमती बिसाहीन यादव को भी महतारी वंदन योजना की 31वीं किश्त की राशि प्राप्त हुई है। राशि मिलने पर उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक उठी। उन्होंने आत्मीय भाव से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को ‘विष्णु भैया’ कहते हुए धन्यवाद दिया और बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर मिली यह राशि उनके लिए भाई के प्रति स्नेह और त्योहार की खुशियों को संजोने का माध्यम बनी है।

    बिसाहीन यादव ने भावुक होकर बताया कि “महतारी वंदन योजना शुरू होने से पहले त्योहार मनाने के लिए कई बार उधार लेना पड़ता था। अब हर महीने मिलने वाली राशि से अपनी जरूरतें पूरी कर पाती हूं। इस बार रक्षाबंधन से पहले राशि मिल गई है, जिससे मैं अपने भाई के लिए राखी और मिठाई खरीदूंगी और बिना किसी चिंता के त्योहार मनाऊंगी।” उन्होंने कहा कि योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता ने महिलाओं को अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। त्योहार के समय समय पर मिली राशि परिवार की खुशियों में सहभागी बनने के साथ महिलाओं के आत्मविश्वास को भी बढ़ा रही है।

महतारी वंदन योजना से आर्थिक संबल, त्योहारों में बढ़ी खुशियां
   महतारी वंदन योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। यह राशि महिलाओं की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ परिवार की जरूरतों में सहयोग का माध्यम बन रही है। रक्षाबंधन जैसे पारिवारिक पर्व से पहले किश्त की राशि मिलने से महिलाओं को त्योहार की तैयारियों में आर्थिक सहारा मिला है। बिसाहीन यादव की कहानी इस बात की सहज और भावुक मिसाल है कि नियमित आर्थिक संबल किस तरह छोटी-छोटी खुशियों को बड़ा बना सकता है। उनके लिए यह केवल किश्त की राशि नहीं, बल्कि अपने भाई के साथ रक्षाबंधन का त्योहार बिना आर्थिक चिंता के मनाने का भरोसा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *