LPG से PNG की ओर बढ़ेगा बदलाव, केंद्र ने राज्यों को तेज करने का दिया निर्देश…

LPG से PNG की ओर बढ़ेगा बदलाव, केंद्र ने राज्यों को तेज करने का दिया निर्देश…

पेट्रोलियम मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वे घरों को एलपीजी (तरल पेट्रोलियम गैस) से पाइप वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए जिला स्तर पर प्रशासनिक मदद दें। मंत्रालय ने गैस वितरकों और तेल विपणन कंपनियों के साथ तालमेल बिठाने के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने को भी कहा है।

राज्यों के मुख्य सचिवों को 21 अगस्त को लिखे एक पत्र में पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने कहा कि खाना पकाने के लिए पीएनजी एक सुरक्षित, स्वच्छ और ज्यादा बेहतर ईंधन है। यह भारत के ऊर्जा बदलाव को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। साथ ही एलपीजी वितरण से जुड़े लाजिस्टिक्स के बोझ को कम करता है और उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा देता है।

मंत्रालय जिला स्तर पर ऐसा नियम लागू करने जा रहा है, जिसके तहत जिन इलाकों में पाइप से गैस की सुविधा उपलब्ध है, उस इलाकों में उपभोक्ताओं को एलपीजी और पीएनजी दोनों का कनेक्शन नहीं रहने दिया जाए। ऐसे में उपभोक्ताओं को सिर्फ पीएनजी का कनेक्शन रखने की अनुमति दी जाएगी।

खाना पकाने के लिए घरों तक पाइप से गैस (पीएनजी) तेजी से पहुंचाने पर जोर इसलिए दिया जा रहा है, क्योंकि इस साल की शुरुआत में पश्चिम एशिया संघर्ष के दौरान भारत की एलपीजी सप्लाई में रुकावट आई थी। एलपीजी आपूर्ति पर इस संघर्ष का सबसे ज़्यादा असर पड़ा।

भारत खाना पकाने की गैस का बड़ा हिस्सा आयात करता है। इसमें से अधिकतर सप्लाई कतर, सऊदी अरब, यूएई और कुवैत से आती है और होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरती है। इस व्यवधान के कारण सरकार को घरेलू एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता देनी पड़ी।

कैंप लगाकर बढ़ाया जाएगा पीएनजी कनेक्शन

मंत्रालय ने अधिकृत शहर गैस वितरण (सीजीडी) कंपनियों और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को निर्देश दिया है कि वे हर भौगोलिक क्षेत्र में एक पीएनजी समन्वय समिति (पीसीसी) बनाएं। ये समितियां पात्र हाउसिंग सोसायटियों और घरों की पहचान करेंगी, हाउसिंग सोसायटियों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और व्यक्तिगत उपभोक्ताओं को कानूनी नोटिस जारी करेंगी और पीएनजी कनेक्शन की संख्या बढ़ाने के लिए कैंप लगाएंगी।

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