ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों की आशंका से तनाव बढ़ा, तेहरान ने वॉशिंगटन को दी सख्त चेतावनी…

ईरान पर दबाव बढ़ाने के क्रम में अमेरिका ने तेहरान पर सोमवार को नए कड़े आर्थिक प्रतिबंधों लागू करने की चेतावनी दे रखी है।

इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। रायटर के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि प्रतिबंधों की धौंस अब पुरानी पड़ चुकी है और हमने इनसे निपटना सीख लिया है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका को आर्थिक मोर्चे पर भी ईरान के हाथों हारना पड़ेगा। ईरान की अर्थव्यवस्था पहले से ही अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के चलते दबाव में है।

युद्ध के दौरान ईरान के बुनियादी ढांचे भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और हजारों लोग हमलों में मारे भी गए हैं। इन सबसे बावजूद बीते छह महीनों के दौरान तेहरान पूरी तरह डटा रहा और होर्मुज स्ट्रेट बंद करके सबसे अहम समुद्री मार्ग से ऊर्जा आपूर्ति को बाधित रखने में सफल रहा।

इसके चलते कच्चे तेल की कीमतें 95 डालर के आसपास पहुंच गई हैं। अमेरिकी वाणिज्य मंत्री स्काट बेसेंट द्वारा सोमवार को नए आर्थिक प्रतिबंधों के एलान से पहले ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने टेलीग्राम चैनल पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा कि सैन्य अभियान से हटकर आर्थिक प्रतिबंधों की तरफ बढ़ना अमेरिका का पुराना पैंतरा है और ये दिखाता है कि ट्रंप प्रशासन व्याकुल हो गया है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका को ईरान से सम्मानजनक तरीके से बात करनी चाहिए और न्याय और सम्मान पर आधारित समाधान तलाशना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईरान कभी डरता नहीं है। अमेरिका के सभी हथकंडे, चाहे वो नाकेबंदी हो या कोई और सैन्य गतिविधि, सभी विफल हुए हैं और ये नया मामला भी उसी तरह विफल साबित होगा।

पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के मद्देनजर पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत फिर से शुरू कराने की संभावनाएं तलाशने सोमवार को तेहरान के दौरे पर जाएंगे।

ईरान संसद के प्रमुख एमबी गलीबाफ ने कहा है कि तेहरान को पड़ोसी देशों से तमाम संदेश मिले हैं, जिसमें वे नई क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था और आर्थिक सहयोग शुरू करने पर जोर दे रहे हैं।

हालांकि, उन्होंने उन देशों का नाम नहीं बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इजरायल की खातिर अमेरिका ने अपने सहयोगियों की सुरक्षा को दांव पर लगा दिया है।

इसके चलते स्वतंत्र और घरेलू स्तर पर तैयार क्षेत्रीय व्यवस्था शांति और सुरक्षा बढ़ा सकती है। ट्रंप ने होर्मुज को अमेरिकी इलाके के रूप में दिखाया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर होर्मुज स्ट्रेट को नए अमेरिकी इलाके के रूप में दिखाते हुए एक तस्वीर जारी की है।

उन्होंने इससे पहले 18 अगस्त को भी ऐसी ही तस्वीर जारी की थी। ट्रंप ने एक कार्यक्रम में भी कहा था कि जल्दी ही अमेरिका के नए क्षेत्र के रूप में होर्मुज स्ट्रेट को शामिल करने की घोषणा की जाएगी।

आर्थिक युद्ध में हर घर बनेगा मिसाइल बेसईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजाई ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि अमेरिका का होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने में असमर्थ होना और उस पर अपना अधिकार जताना- इन दोनों बातों के बीच का अंतर, वाशिंगटन और होर्मुज के बीच की 7,000 मील की दूरी से भी कहीं ज्यादा है।

उन्होंने आगे कहा कि फारस की खाड़ी में अमेरिका रहित दौर में आपका स्वागत है। रेजाई ने आगे कहा कि जब तक अमेरिका अपना रवैया नहीं बदलता, तब तक होर्मुज स्ट्रेट नहीं खुलेगा।

उन्होंने कहा कि आधे से अधिक होर्मुज का इलाका ईरान का है। अमेरिका के आर्थिक प्रतिबंधों पर रेजाई ने कहा कि हम हर घर को आर्थिक युद्ध लांचर बनाएंगे। आर्थिक युद्ध के खिलाफ हर घर एक मिसाइल बेस में परिवर्तित हो जाएगा।

इस तरह ईरानी युवा देश की अर्थव्यवस्था में अपना योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका को अपने बढ़ते कर्ज की चिंता करनी चाहिए।

इजरायल को हथियार आपूर्ति पर चुप्पी पर फ्रांस, ब्रिटेन को फटकार ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने पश्चिमी देशों पर आरोप लगाया है कि इजरायल को अमेरिकी हथियारों की आपूर्ति को लेकर चुप्पी उनकी जानबूझकर इजरायल के प्रति समर्थन है।

उन्होंने फ्रांस और ब्रिटेन की खासतौर पर निंदा की। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि एक तरफ तो ये देश फलस्तीन में अंतरराष्ट्रीय कानून के अमल पर जोर देते हैं, वहीं इजरायल को हथियार आपूर्ति पर चुप्पी साध लेते हैं। ऐसे देशों को चिंता जतानेवाले बयानों की आड़ में छिपना नहीं चाहिए।

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