JPSC-JSSC आंदोलन: आज सरकार से होगी वार्ता, छात्रों का दो टूक रुख-18 अगस्त तक मांगें नहीं मानीं तो CM आवास का घेराव…

JPSC-JSSC आंदोलन: आज सरकार से होगी वार्ता, छात्रों का दो टूक रुख-18 अगस्त तक मांगें नहीं मानीं तो CM आवास का घेराव…

PSC-JSSC भर्ती अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन सोमवार को 24वें दिन भी जारी है। सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच आज एक बार फिर बातचीत होने जा रहे है।

वार्ता से पहले छात्र नेताओं ने साफ कप दिया है कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खुद वार्ता में शामिल होने की मांग भी उठाई है।

24वें दिन भी जारी आंदोलन, चार छात्र भूख हड़ताल पर

छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि आंदोलन को 24 दिन हो चुके हैं और उनके चार साथी भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि इतने दिनों बाद भी छात्रों को अपनी मांगों के लिए धरने पर बैठना पड़ रहा है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार अब तक छात्रों की मांगों को लेकर गंभीर नहीं दिखी है। रविंद्र पासवान ने कहा है कि छात्र आज की बातचीत में शामिल होंगे, लेकिन मुख्यमंत्री को भी वार्ता का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि छात्र अपनी किसी भी मांग पर समझौता नहीं करेंगे।

’18 अगस्त तक मांगे मानें नहीं तो आंदोलन और तेज होगा’

रविंद्र पासवान ने कहा है कि 10 अगस्त के प्रदर्शन के बाद सरकार सातवें दिन बातचीत के लिए आगे आई है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार छात्रों की सभी मांगों को स्वीकार करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार के पास 18 अगस्त तक का समय है, यदि मांगे नहीं मानी गई तो आंदोलन को और मजबूत किया जाएगा और मुख्यमंत्री आवास घेराव के लिए बड़ी संख्या में छात्र जुटेंगे।

‘बातचीत को लेकर छात्रों में उम्मीद भी, संदेह भी’ – छात्र नेता पीयूष कुमार

छात्र नेता पीयूष कुमार ने कहा कि आंदोलन का 24वां दिन है और उनके साथी पिछले 13 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि छात्र बातचीत के पक्ष में है और बातचीत के जरिए ही समाधान निकाला जा सकता है।

हालांकि उन्होंने सरकार की मंशा को लेकर सवाल भी उठाए। पीयूष कुमार ने कहा कि यह देखना होगा कि सरकार वास्तव में छात्रों की समस्याओं का समाधान चाहती है या आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश हो रही है।

उन्होंने कुछ छात्रों पर दबाव या प्रलोभन दिए जाने की खबरों का हवाला देते हुए कहा कि इससे संदेह पैदा होता है। उन्होंने आगे कहा कि अगर आज की बातचीत सफल नहीं होती है, तो मुख्यमंत्री आवास घेराव का कार्यक्रम तय योजना के मुताबिक जारी रहेगा। जब तक छात्रों के सभी मांगे नहीं मानी जाती, आंदोलन जारी रहेगा।

‘शांतिपूर्ण बच्चों से समाधान चाहते हैं छात्र’

वहीं, प्रदर्शनकारी आलोक मेहता ने कहा कि आंदोलन शुरू होने के बाद से छात्रों का रुख स्पष्ट रहा है। उनका उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से बातचीत के जरिए अपनी मांगों का समाधान करना है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रतिनिधि बातचीत शुरू करने के पहुंचे हैं और छात्र भी संवाद के लिए तैयार है। यदि बातचीत में छात्रों के सभी मांगे मान ली जाती है तो, वह इसे स्वीकार करेंगे यदि मांगे पूरी नहीं होती है तो आंदोलन के आगे की रणनीति के अनुसार कदम उठाया जाएगा।

आलोक मेहता ने कहा कि यदि 18 अगस्त तक छात्रों की मांगी पूरी हो जाती है, तो वह मुख्यमंत्री का आभार जताएंगे, लेकिन ऐसा नहीं होने पर 20 अगस्त को घोषित मुख्यमंत्री आवास घेराव की योजना के मुताबिक आगे बढ़ेंगे।

अब वार्ता के नतीजे पर टिकी नजर

JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जहां आज की बातचीत को बेहद अहम माना जा रहा है। एक तरफ छात्र बातचीत के जरिए समाधान की उम्मीद जता रहे हैं, वहीं उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आज की वार्ता से कोई ठोस समाधान निकलता है या 20 अगस्त का मुख्यमंत्री आवास घेराव तय कार्यक्रम के मुताबिक होगा?

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