कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर आज मतदान है।
19 अक्टूबर को मतों की गणना की जाएगी, इस चुनाव को लेकर अधिसूचना 22 सितंबर को जारी की गई थी और नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया 24 सितंबर से आरम्भ हुई थी।
जो 30 सितंबर तक चली, जबकि, नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तारीख 8 अक्टूबर थी।
हालांकि, इस चुनाव में नामांकन करने वाले दोनों ही उम्मीदवार मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर में से किसी ने भी अपने नाम वापस नहीं लिया।
बता दें कि इस चुनाव में कांग्रेस के देश भर के 9 हजार से भी अधिक डेलीगेट्स अपने मतदान का प्रयोग करेंगे।
खास बात ये है कि कांग्रेस पार्टी में ऐसा मौका दो दशक बाद आया है जब अध्यक्ष पद का चुनाव कराया जा रहा है।
गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए 80 साल के मल्लिकार्जुन खड़गे का मुकाबला पार्टी के दिग्गज नेता शशि थरूर से है।
जिस तरह खड़गे को पार्टी नेताओं का समर्थन और गांधी परिवार की सहमति मिली है, उससे उनका कांग्रेस अध्यक्ष बनना लगभग तय माना जा रहा है।
हालांकि, कांग्रेस का नया अध्यक्ष कौन होगा इसके लिए चुनाव परिणाम आने तक इंतजार करना होगा। बहरहला, कुछ दिन पहले ही मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव की तैयारियों को लेकर खास बात की थी।
इस दौरान उन्होंने कहा था कि चुनाव लड़ने का फैसला मेरा इंडिविजुअल नहीं बल्कि सीनियर लीडर्स का फैसला है।
हमारे सारे सीनियर लीडर आए और बोले कि आपको चुनाव लड़ना होगा। मैंने कहा कि और लोग भी हैं तो उन्होंने बोला कि नहीं, जो हमारे कार्यक्रम हैं, हमारी विचारधारा है, हमारी आइडोलॉजी है, उसको लेके चलने के लिए, जैसे आदमी की जरूरत है, वो आप हैं। इसीलिए आप इस चुनाव में उतरिए।
हम सभी लोग आपको सपोर्ट करके जिताएंगे। आपने देखा होगा कि मेरे नॉमिनेशन में ये सभी सीनियर लीडर मेरे साथ थे।
वहीं शशि थरूर ने मतदान से एक दिन पहले रविवार को मतदाताओं से ‘बदलाव अपनाने’ का साहस दिखाने का आह्वान किया, साथ ही उन्हें समर्थन देने की अपील भी की।
इस चुनाव में थरूर ने जहां खुद को बदलाव लाने वाले उम्मीदवार के रूप में पेश किया है, वहीं अनेक वरिष्ठ नेताओं के समर्थन के साथ खड़गे को ‘अनधिकृत आधिकारिक उम्मीदवार’ माना जा रहा है।
थरूर ने ट्विटर पर एक वीडियो में अपनी अपील में कहा, ‘‘हमारे जैसे बड़े संगठन में बदलाव को लेकर चिंताएं स्वाभाविक हैं, इसलिए मैं सीधे तौर पर इस पर ध्यान केंद्रित करना चाहता हूं।”
थरूर ने कहा, ‘‘परिणाम चाहे जो भी हो, मेरा मानना है कि मुझे मिलने वाला प्रत्येक वोट न केवल पार्टी बल्कि देश के लिए भी संकेत होगा कि कांग्रेस बदलाव चाह रही है और खुद में नयी ऊर्जा भरने तथा भाजपा की विभाजनकारी ताकतों से लड़ने के लिए जो जरूरी है, वह करना चाह रही है। सभी पार्टी कार्यकर्ता और देश के नागरिक आपके जवाब का इंतजार कर रहे हैं।”