कश्मीर मुद्दे को लेकर एक बार फिर भाजपा और कांग्रेस में जुबानी जंग शुरू हो गई है।
हालांकि यह पहली बार नहीं है कि किसी भाजपा नेता ने कश्मीर की समस्या के लिए पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को जिम्मेदार ठहराया है।
गुजरात में गौरव यात्रा को हरी झंडी दिखाने के दौरान गृह मंत्रतती अमित शाह ने भी कश्मीर मुद्दे का जिम्मेदार पंडित नेहरू को बताया।
इसके बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्विटर पर मोर्चा खोल दिया। उन्होंने अपने शब्दों से अमित शाह और पीएम मोदी दोनों पर निशाना साधा।
जयराम रमेश ने ट्वीट कर कहा, ‘नेहरू ने तानाशाही से संविधान में आर्टिकल 370 शामिल नहीं किया। चर्चा हुई थी,जो नोटबंदी के समय नहीं हुई।
और श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने आपत्ति नहीं जताई। J&K में काम कर चुके अय्यंगार ने ड्राफ्ट किया। इस पर किसी ने इस्तीफा नहीं दिया। शाह अपने साहब जैसे झूठ के सुपर-स्प्रेडर हैं!’
दरअसल अमित शाह ने कहा था कि कश्मीर के एकीकरण में अनुच्छेद 370 को जोड़ने से मामला उलझ गया था। यह काम पंडित नेहरू ने किया था।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने इस आर्टिकल को एक झटके में हटा दिया और कश्मीर का पूर्ण एकीकरण हो गया। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गुजरात में एक सभा को संबोधित करते समय ऐसी ही बात कही थी।
किरण रिजिजू से भी हो चुका है ट्विटर वार
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने तत्कालीन रियासतों का विलय करवाया और सभी मुद्दे हल कर दिए लेकिन एक व्यक्ति कश्मीर के मुद्दे को नहीं हर कर पाया।
प्रधानमंत्री ने अपने बयान में पंडित नेहरू की ही ओर संकेत किया था। इसके बाद जयराम रमेश ने पीएम मोदी पर ललटवार करना शुरू किया और कहा कि पटेल को जम्मू-कश्मीर पाकिस्तान में शामिल होने से आपत्ति नहीं थी। यह भी कहा कि प्रधानमंत्री झूठ फैला रहे हैं।
इसके बाद केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने ट्वीट पर ट्वीट करने शुरू कर दिए। उन्होंने कहा कि महाराजा हरि सिंह ने आजादी के तुरंत बाद ही कश्मीर को शामिल करने के लिए संपर्क किया था लेकिन नेहरू ही नहीं तैयार हुए थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के लिए कश्मीर को विशेष दर्जा दिया गया था।