रायपुर : स्वच्छता समिति की सहभागिता से बदली मरकापाल की सूरत…

महिला जलवाहिनी जगा रही है जल संरक्षण की अलख

बस्तर जिले के विकासखंड तोकापाल के ग्राम पंचायत घाटधनोरा के आश्रित ग्राम मरकापाल में ग्रामीणों के भीतर उपजी जल संरक्षण की अनूठी भावना और ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की सहभागिता से पानी को सहेजने सहित स्वच्छता एवं साफ-सफाई की एक नई इबारत लिखी जा रही है।

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साथ ही महिला जलवाहिनी की महिलाएं गांव में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता निर्मित कर रहीं हैं। जल सहेजने की नई सोच के साथ ग्रामीणों के जीवन स्तर में बदलाव देखने को मिल रहा है।

कभी बूंद-बूंद को तरसते थे अब घर घर पहुंचा पेयजल

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         कभी पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसने वाले इस छोटे से गांव में समिति के कुशल प्रबंधन के चलते न केवल घर-घर पेयजल पहुंच रहा है, बल्कि पानी को सहेजने और उसकी बर्बादी रोकने के लिए एक सामूहिक अभियान भी चल पड़ा है। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना ने लगभग 220 की आबादी वाले इस गांव की उस पुरानी तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है, जहां हर मौसम में पानी का इंतजाम करना एक बड़ी चुनौती था। ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए हैंडपंपों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे समय और ऊर्जा दोनों की भारी बर्बादी होती थी। प्रत्येक मौसम में दूर से जल भरकर लाना बेहद कठिन एवं थकान भरा कार्य था।  

जल जीवन मिशन ने पूरे गांव को एक सूत्र में पिरो दिया

           गांव की ही एक हितग्राही श्रीमती हीरामनी अपने पुराने दिनों को याद करते हुए भावुक होकर कहती हैं कि पहले बोरिंग से पानी भरकर लाना थका देने वाला काम था, किन्तु जल जीवन मिशन के तहत मरकापाल को पूरी तरह से जलापूर्ति से जोड़ने के लिए गांव में चार हैंडपंपों के साथ-साथ एक पृथक जल स्त्रोत विकसित कर 10 हजार लीटर क्षमता की टंकी से मोटर पंप के जरिए जलापूर्ति किया जा रहा है। इसके साथ ही बिछाई गई पाईप लाईन ने पूरे गांव को एक सूत्र में पिरो दिया है। इसी पाईप लाईन के मजबूत नेटवर्क के माध्यम से अब ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की निगरानी में सभी घरों की दहलीज तक समय-समय पर और सुचारू रूप से पेयजल पहुंच रहा है।

गांव के पंप ऑपरेटर से हो रही सुरक्षित आपूर्ति

         इस पूरी व्यवस्था और पाईप लाईन के जरिए होने वाली सुरक्षित आपूर्ति को धरातल पर सफल बनाए रखने में गांव के पंप ऑपरेटर श्री सुरेश कश्यप दिन-रात जुटे रहते हैं। वे पूरी जिम्मेदारी के साथ जल प्रदाय व्यवस्था की देखरेख करते हैं और समय पर सभी घरों तक पानी पहुंचाना सुनिश्चित करते हैं। गांव में आए इस अभूतपूर्व तकनीकी और सामाजिक बदलाव को देखकर ग्राम पंचायत घाटधनोरा की सरपंच श्रीमती तुलसी बाई बघेल एवं सचिव श्री चिंतामणी मौर्य ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने इस भगीरथ प्रयास, समिति के बेहतर प्रबंधन और ग्रामीणों के जीवन को सुगम बनाने के लिए सरकार को सहृदय धन्यवाद ज्ञापित किया है।

जल संरक्षण की भावना अब हर ग्रामीण के मन में

          इस पूरे मिशन की सबसे अहम बात यह है कि ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के प्रयासों से ग्रामीणों के भीतर जल संरक्षण की भावना गहराई से बैठ चुकी है। पानी की किल्लत झेल चुके मरकापाल के निवासी अब पानी की हर एक बूंद की कीमत समझ रहे हैं। ग्रामीण अब जल प्रदाय योजना से मिलने वाले पानी का बेहद समझदारी से उपयोग कर रहे हैं, सोख्ता गड्ढों का निर्माण कर रहे हैं और पानी को व्यर्थ न बहाने का संकल्प ले चुके हैं। इस प्रकार जल जीवन मिशन और स्वच्छता समिति की जुगलबंदी ने मरकापाल में सिर्फ पानी का कनेक्शन ही नहीं जोड़ा है, बल्कि जल सहेजने की नई सोच के साथ ग्रामीणों के जीवन स्तर को हमेशा के लिए बदल दिया है।

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