अम्बिकापुर : सुशासन का असरः मितानिन भारत कुंवर की बरसों की चिंता हुई दूर…

’सुशासन तिहार’ में चंद मिनटों में बना बच्चे का जाति प्रमाण पत्र

  ’’सुशासन तिहार’’ आम जनता के चेहरों पर मुस्कान ला रहा है। जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम बेनिया की रहने वाली और गांव में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली मितानिन श्रीमती भारत कुंवर के लिए ’सुशासन तिहार’ खुशियों का पैगाम लेकर आया। बरसों से अपने बच्चे के जाति प्रमाण पत्र के लिए भटक रही भारत कुंवर का काम अब मुख्यमंत्री के आदेश और प्रशासन की सक्रियता से चुटकियों में पूरा हो गया है।

भटकाव का हुआ अंत, मिला अपना अधिकार
श्रीमती भारत कुंवर ने भावुक होते हुए अपनी आपबीती साझा की। उन्होंने बताया कि वे एक मितानिन के रूप में गांव के लोगों की सेवा करती हैं, लेकिन खुद अपने बच्चे का जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लंबे समय से इधर-उधर भटक रही थीं। कई कार्यालयों के चक्कर काटने के बावजूद तकनीकी अड़चनों की वजह से उनका काम नहीं हो पा रहा था।

’सुशासन तिहार’ में तत्काल हुई कार्रवाई
जैसे ही उन्हें क्षेत्र में आयोजित ’सुशासन तिहार’ की जानकारी मिली, वे अपनी उम्मीद लेकर शिविर में पहुँचीं। भारत कुंवर कहती हैं, ष्मैं पहले बहुत परेशान थी, लेकिन सुशासन तिहार में आते ही अधिकारियों ने मेरे आवेदन पर संवेदनशीलता दिखाई।  मुख्यमंत्री जी के स्पष्ट आदेश का असर था कि मुझे यहाँ-वहाँ भटकना नहीं पड़ा और मेरे बच्चे का जाति प्रमाण पत्र तत्काल बन गया।

सुशासन तिहार के लिए मुख्यमंत्री का जताया आभार
मितानिन भारत कुंवर ने इस सुगम व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और संबंधित विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी का बहुत-बहुत धन्यवाद कि उन्होंने हम जैसे गरीब परिवारों के बच्चों के भविष्य की चिंता की। उनकी संवेदनशील पहल से आज हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो गया है।

सरकारी तंत्र में आया बदलाव
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार ’सुशासन तिहार’ में प्रशासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुँच रहा है। जाति प्रमाण पत्र जैसा महत्वपूर्ण दस्तावेज, जो बच्चों की शिक्षा और छात्रवृत्ति के लिए अनिवार्य है, अब बिना किसी परेशानी के उपलब्ध करायें जा रहे हैं।

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