विधानसभा चुनाव को लेकर जनपद स्तर पर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। एसआइआर अभियान के बाद मतदाताओं की संख्या कम होने के कारण पोलिंग बूथ भी घट गए। जिले में 269 बूथ कम हो गए, जबकि 12 नए बूथ बनाए गए हैं।
चार जुलाई को सूची को दिया गया अंतिम रूप
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मतदेय स्थलों के संभाजन की कार्यवाही के अंतर्गत चार जुलाई को आलेख्य रूप से प्रकाशित बूथों की सूची के संबंध में जिले के सभी लोकसभा सदस्यों, विधानसभा सदस्यों एवं सभी राष्ट्रीय-राज्यीय राजनैतिक दलों द्वारा की गई आपत्तियों-सुझावों व शिकायतों के निस्तारण कराते हुए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की बूथों की सूची को अंतिम रूप दिया गया। इस संबंध में जिलाधिकारी व जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक भी हो चुकी है।
118 शिकायतें प्राप्त हुईं
जिले के सभी राजनैतिक दलों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची के संबंध में की गई कुल 118 शिकायतें प्राप्त हुईं। इन शिकायतों की भौतिक रूप से जांच संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा कराते हुए गुणवत्तापूर्वक ढंग से निस्तारण कराने के बाद कुल 59 प्रस्ताव स्वीकृत योग्य पाए गए। वहीं 59 प्रस्तावों-शिकायतों को अस्वीकृत कर दिया गया। इस प्रकार पहले से 5151 बूथों में 269 बूथों को कम कर दिया गया। वहीं 12 नए बूथ बनाए गए। इस तरह से अब जिले में 4894 बूथ ही बचे।
प्रत्येक बूथ पर 1200 मतदाता हो जाने की उम्मीद
उप जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम प्रशासन उपमा पांडेय ने बताया कि प्रत्येक बूथ पर 1200 वोटर रखने को लेकर कवायद हुई है। इसके तहत अभी 1100 से 1110 मतदाता एक बूथ पर रखे गए हैं। नए मतदाता जोड़े जाएंगे तो प्रत्येक बूथ पर 1200 मतदाता हो जाने की उम्मीद है।