थाईलैंड के फुकेट से दिल्ली आ रही फ्लाइट के टर्बुलेंस होने के बाद से अब एअर इंडिया उड़ान से पहले सभी पायलटों का डोप टेस्ट करवा रही है। एअर इंडिया द्वारा लागू की गई नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत कराए गए प्रारंभिक डोप टेस्ट में दो और पायलट पॉजिटिव पाए गए हैं।
अंतिम रिपोर्ट आने तक दोनों संबंधित पायलटों को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया है।
दरअसल, फुकेट से आ रही फ्लाइट के टर्बुलेंस होने के बाद से एकर इंडिया ने अपने अपने सभी पायलटों को ड्रग टेस्ट कराने का आदेश दिया था। अब तक 300 से अधिक पायलट यह प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। अंतिम ड्रग टेस्ट के परिणाम आमतौर पर 24-48 घंटे में आ जाते हैं।
क्या है पुराना मामला?
गौरतलब है कि बीते 4 अगस्त को थाईलैंड के फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट टर्बुलेंस में फंस गई थी और करीब 300 फीट नीचे आ गई थी।
थाईलैंड के फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट के दो पायलटों में से एक का डोप टेस्ट फेल होने का दावा किया गया। यह फ्लाइट 4 अगस्त को तेज टर्बुलेंस में फंस गई थी और अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गई थी।
करीब 4 सेकंड तक एलिवेटर्स और एलेरॉन्स बिना किसी पायलट कमांड के अपने-आप ड्रिफ्ट कर रहे थे। इसी बीच ऑटोपायलट भी डिस्कनेक्ट हो गया और कॉकपिट में स्टॉल वार्निंग आने की बात सामने आई।
इसके बाद फर्स्ट ऑफिसर की तरफ से फुल नोज डाइन इनपुट दिया गया। कुछ सेकंड बाद हाइड्रोलिक सिस्टम दोबारा रिकवर होने लगा। कुछ सेकंड बाद येलो और ग्रीन हाइड्रोलिक सिस्टम भी रिकवर हुआ और फ्लाइट कंट्रोल सर्फेस भी वापस काम करने लगा था।
एअर इंडिया के सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, 4 अगस्त को हुई घटना के बाद तय मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत दोनों पायलटों का अनिवार्य साइकोएक्टिव सब्सटेंस (डोप) टेस्ट कराया गया था। शुरुआती स्क्रीनिंग रिपोर्ट में मुख्य पायलट के सैंपल पॉजिटिव पाए गए, जिसके बाद अंतिम और विस्तृत पुष्टि के लिए उनके सैंपल को एक और प्रयोगशाला (लैब) भेजा गया था।
सूत्रों ने पुष्टि की थी कि लैब से आई दूसरी रिपोर्ट में भी पायलट के मारिजुआना (गांजा) के सेवन की पुष्टि हुई। हालांकि, गांजे के सेवन के खुलासे को लेकर एअर इंडिया की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान उस समय नहीं दिया गया। लेकिन इस टर्बुलेंस के बाद एअर इंडिया ने उड़ान से पहले अपने सभी पायलटों का डोप टेस्ट अनिवार्य कर दिया है।