उपचार से पहले बिल की मांग का आरोप, फोर्टिस अस्पताल में घायल युवक की मौत से उठे सवाल…

फोर्टिस अस्पताल शालीमार बाग मरीजों के उपचार में कथित लापरवाही के आरोपों के साथ-साथ प्रशासनिक जांच में मिली बिल्डिंग बायलाज के उल्लंघन, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था में खामियों, अवैध निर्माण और प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर सरकारी कार्रवाई के घेरे में आ गया है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर गठित जिलाधिकारी स्तरीय समिति की जांच में अस्पताल में कई गंभीर कमियां सामने आई हैं। इस प्रशासन ने विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।

उपचार में लापरवाही के आरोप के बाद हुई जांच

मामले की शुरुआत मुख्यमंत्री जनसेवा सदन में पहुंची एक शिकायत से हुई। एक परिवार ने आरोप लगाया कि चाकूबाजी में घायल उनके बेटे को उपचार के लिए फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार शुरू करने से पहले धनराशि मांगी गई। परिजनों का दावा है कि समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण युवक की मौत हो गई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए थे।

सीसीटीवी फुटेज, इमरजेंसी रेकॉर्ड की जांच

बृहस्पतिवार को मध्य-उत्तरी जिले के जिलाधिकारी एसएस परिहार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, अग्निशमन विभाग और अन्य एजेंसियों की संयुक्त टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और इमरजेंसी विभाग के रेकार्ड की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों के अनुसार फुटेज में युवक स्वयं चलकर इमरजेंसी विभाग तक पहुंचता दिखाई दिया। जांच टीम उपचार प्रक्रिया से जुड़े सभी तथ्यों का परीक्षण कर रही है।

बिल्डिंग बायलाज, अग्नि सुरक्षा और बेसमेंट उपयोग में मिलीं खामियां

जांच के दौरान अस्पताल में बिल्डिंग बायलाज के उल्लंघन, अवैध निर्माण, बेसमेंट के दुरुपयोग, अग्निशमन प्रणाली में कमियों और चिकित्सीय मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के पालन में गंभीर लापरवाही के मामले सामने आए हैं। दिल्ली में हालिया हुई अग्निकांड को देखते हुए इसे गंभीरता से लिया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि विभिन्न विभागों की संयुक्त जांच में मिली इन अनियमितताओं को रिपोर्ट में शामिल किया जा रहा है। हाल के वर्षों में दिल्ली में अग्नि सुरक्षा और भवन मानकों को लेकर सामने आए मामलों के मद्देनजर इन कमियों को गंभीर माना जा रहा है।

रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई

जिलाधिकारी एसएस परिहार के अनुसार जांच में सामने आए तथ्यों और मरीजों के उपचार में बरती गई कथित लापरवाही को ध्यान में रखते हुए विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। रिपोर्ट शासन को सौंपे जाने के बाद अस्पताल के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अस्पताल ने कहा, जांच में पूरा सहयोग करेंगे

फोर्टिस अस्पताल, शालीमार बाग की ओर से इस मामले में जारी बयान में कहा गया है कि अस्पताल मरीजों की देखभाल, चिकित्सीय उत्कृष्टता और सभी नियामकीय मानकों के अनुपालन के प्रति प्रतिबद्ध है। अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि जांच से संबंधित विवरण औपचारिक रूप से प्राप्त होने के बाद उनका अध्ययन किया जाएगा और अधिकारियों को पूरा सहयोग दिया जाएगा। बयान में कहा गया कि मरीजों की सुरक्षा और उनका कल्याण अस्पताल की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *