भारतीय सेना में शामिल हुई 7वीं पिनाका रेजिमेंट, 44 सेकंड में 72 रॉकेट दागने में सक्षम…

पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर बढ़ते सुरक्षा खतरों के बीच भारतीय सेना ने एक और पिनाका रेजिमेंट को शामिल किया है। वहीं, इस साल के अंत तक भारतीय सेना एक और पिनाका रेजिमेंट को शामिल करने की तैयारी कर रही है।

नई रेजिमेंट के आने के साथ ही अब सीमाओं पर कुल सात पिनाका रेजिमेंट तैनात हो गई हैं। यह रजिमेंट भारत के पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर लंबी दूरी की मारक क्षमता बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है।

10 पिनाका रॉकेट की तैयारी

वहीं, रक्षा प्रतिष्ठान के एक सूत्र ने बताया, “आठवीं रेजिमेंट को आधे से अधिक साजो-सामान मिल चुका है। यह 2026 के अंत से पहले चालू हो जाएगी।”

इसके अलावा अगले साल दो और रेजिमेंटों के चालू होने की संभावना है, जिससे तैनाती में पिनाका रेजिमेंटों की कुल संख्या 10 हो जाएगी।

पिनाका की खासियत-

  • एक पिनाका रेजिमेंट में आम तौर पर तीन बैटरी होती हैं। हर बैटरी छह पिनाका लॉन्चर चलाती है, जिससे एक रेजिमेंट को 18 लॉन्चर मिलते हैं।
  • ट्रेनिंग और युद्ध के समय रिप्लेसमेंट के लिए आम तौर पर दो और लॉन्चर रखे जाते हैं।
  • छह लॉन्चर की एक बैटरी लगभग 44 सेकंड में 72 रॉकेट दाग सकती है।
  • भगवान शिव के दिव्य धनुष के नाम पर इसे डिजाइन किया गया है।
  • पिनाका से कम समय में ज्यादा गोलीबारी करके बड़े इलाकों को तबाह किया जा सकता है।
  • सिस्टम को हाई-मोबिलिटी टाट्रा या टाटा ट्रक पर लगाया गया है, जिसमें शूट एंड स्कूट कैपेबिलिटी है।


भारत का प्रमुख स्वदेशी मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर

पिनाका भारतीय सेना के लिए DRDOद्वारा विकसित पिनाका, भारत का प्रमुख स्वदेशी मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर है।

जहां शुरुआती रेजिमेंट की रेंज 40 किमी थी, वहीं गाइडेड पिनाका और लॉन्ग-रेंज गाइडेड रॉकेट जैसे नए वेरिएंट की रेंज 120 किमी तक बढ़ा दी गई है, जिससे यह सिस्टम डीप-स्ट्राइक ऑपरेशंस के लिए एक महत्वपूर्ण संपत्ति बन गया है।

लंबी दूरी तक दुश्मनों के ठिकानों, बंकरों और टैंकों को तबाह करने में सक्षम है। जानकारी के अनुसार, यह ‘शूट एंड स्कूट’ तकनीक पर काम करता है। इकी रेंज 45 से 90 किमी तक है।

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