हिमाचल प्रदेश में हाल ही में गठित 192 नई पंचायतों के पास अपने भवन नहीं हैं, जिस कारण इनकी ग्राम सभा पुराने पंचायत घर में ही आयोजित की जाएगी। अब प्रदेश में कुल पंचायतों की संख्या 3758 हो गई है। वर्तमान में लगभग 300 पंचायतें ऐसी हैं जिनके पास अपने कार्यालय नहीं हैं। नई बनी पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं कि जब तक उनके अपने पंचायत घर नहीं बनते, तब तक वे सामुदायिक केंद्रों, युवक मंडल या महिला मंडल के भवनों में बैठकें कर सकेंगी।
यदि किसी पंचायत के पास सामुदायिक केंद्र या अन्य मंडल के भवन नहीं हैं, तो वे मूल पंचायतों के भवनों का उपयोग कर सकेंगी, जिनसे उनका गठन हुआ है।
नहीं मिलेगा किराये पर भवन
पंचायती राज विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि निजी भवनों को किराये पर लेने पर विभाग की ओर से कोई शुल्क नहीं दिया जाएगा। यदि कोई स्थान स्वेच्छा से निश्शुल्क उपलब्ध करवाता है, तो उसमें कोई मनाही नहीं है।
सहमति नहीं बनने से 108 पंचायत घरों का निर्माण लटका
प्रदेश में जयराम सरकार के कार्यकाल के दौरान बनी 108 पंचायतें ऐसी हैं जिनके पास अपना पंचायत घर नहीं है। लोगों के बीच सहमति न बनने के कारण भूमि का निर्धारण नहीं हो सका, जिससे पंचायत घरों का निर्माण नहीं हो पाया।