5 साल में 10 पत्र, 1500 मीटर का टेंडर और सिर्फ 250 मीटर काम; आम्रपाली सिलिकॉन सिटी में हादसे का खतरा…

नोएडा सेक्टर-76 स्थित 3334 फ्लैट्स वाली आम्रपाली सिलिकान सिटी सोसायटी में प्लास्टर गिरने का खतरा बना हुआ है। एनबीसीसी (नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन लिमिटेड) की ओर से यहां 1500 मीटर के एक्सपेंशन ज्वाइंट का टेंडर दिया गया।

250 मीटर कार्य कर बीच में छोड़ दिया। एक्सपेंशन ज्वाइंट का कार्य नहीं होने से सीलन और लीकेज बनी है। इससे प्लास्टर गिरने और जर्जर टावर की घटनाएं हो रहीं हैं।

बता दें सिलिकान सिटी सोसायटी में वर्ष 2014 से घर खरीदारों को कब्जा मिलना शुरू हुआ। अब टावरों से प्लास्टर के बड़े-बड़े टुकड़े गिर रहे हैं, दीवारों से पानी टपक रहा है और हर रोज नया खतरा खड़ा हो रहा है।

SC के आदेश पर NBCC ने संभाली थी परियोजना की जिम्मेदारी

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एनबीसीसी ने 2020 से इस परियोजना को पूरा करने की जिम्मेदारी संभाली। निवासियों का आरोप है कि पांच साल बीत गए, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।

सोसायटी के सात से अधिक टावरों में प्लास्टर गिरने की शिकायत आम है। बच्चे खेल रहे हों या कोई बालकनी में खड़ा हो, किसी भी पल बड़ा हादसा हो सकता है। एओए और निवासियों की ओर से पांच वर्षों में 10 से अधिक पत्र और ईमेल भेजे।

लीकेज, सीपेज और एक्सपेंशन ज्वाइंट ठीक करने के लिए एनबीसीसी ने 1500 मीटर का टेंडर जारी किया, लेकिन बोर्ड पर सिर्फ 250 मीटर का काम दिख रहा है। एक्सपेंशन ज्वाइंट ठीक न ठीक होने के कारण टावरों में लगातार सीलन है। यह प्लास्टर को कमजोर कर रही है।

आरोप है कि एनबीसीसी की ओर से शिकायतों का समय पर संज्ञान लेकर हल नहीं किया जाता है। एनबीसीसी के कार्यकारी निदेशक आदित्य पालीवाल को मामले में पक्ष जानने के लिए फोन और मैसेज किया गया लेकिन कोई जवाब नहीं मिल सका।

एनबीसीसी ने दिए टेंडर के मुताबिक एक्स्पेंशन ज्वाइंट का कार्य नहीं किया गया। यह मरम्मत कार्य पूरा होता तो सोसायटी के टावरों में न तो सीलन होती और न ही प्लास्टर गिरने की स्थिति बनती।

सोसायटी में गिरते प्लास्टर की स्थिति एनबीसीसी को फोटो के साथ दी गईं हैं। शिकायतों पर जवाब तक नहीं मिलता है। सोसायटी की कमियों में सुधार के लिए एनबीसीसी को एक बैठक करनी चाहिए।

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