हिमाचल में वन विभाग दफ्तर के पास माफिया ने काट डाले 8 हरे पेड़, पूरे स्टाफ को भनक तक नहीं लगी…

 हिमाचल प्रदेश में जिला कांगड़ा के इंदौरा क्षेत्र में वन विभाग के कार्यालय से कुछ दूरी पर अवैध पेड़ कटान हुआ है। भदरोआ वन परिक्षेत्र कार्यालय से करीब 700 मीटर की दूरी पर अंदरून डमटाल में सात से आठ खैर के पेड़ कटे हुए पाए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि यह घटना वन विभाग की नाक के नीचे हुई और वन काटु अब विभाग की पकड़ से बाहर हैं।

माफिया के लगातार हौसले बुलंद

पिछले कुछ महीनों के दौरान इंदपुर क्षेत्र में अवैध रूप से काटे गए खैर के 40 मौच्छे बरामद होने, भदरोआ और टूटा तालाब क्षेत्र में खैर की लकड़ी से भरे वाहन पकड़े जाने तथा विभिन्न स्थानों पर अवैध कटान के मामले सामने आने के बावजूद तस्करों के हौसले बुलंद बने हुए हैं। लगातार हो रही घटनाएं इस ओर संकेत कर रही हैं कि क्षेत्र में खैर तस्करों का संगठित नेटवर्क सक्रिय है।

विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि यदि वन विभाग नियमित गश्त और प्रभावी निगरानी का दावा करता है तो फिर बार-बार खैर के हरे-भरे पेड़ों पर आरा कैसे चल रहा है। लोगों का आरोप है कि रात के अंधेरे में जंगलों में अवैध कटान होता है और कई बार सूचना देने के बावजूद मौके पर कार्रवाई में देरी होती है।

ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि आखिर इन वन काटुओं को किसका संरक्षण प्राप्त है। जब वन संरक्षण की जिम्मेदारी वन रक्षकों, वन गार्डों और बीट अधिकारियों पर है तो फिर तस्कर बार-बार विभाग को चुनौती देकर कैसे बच निकलते हैं। 

क्या कहना है अधिकारियों का

वन विभाग के रेंज ऑफिसर भदरोआ अब्दुल हमीद का कहना है कि अवैध कटान के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है तथा दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, बीओ संजय कुमार का कहना है अंदरून डमटाल में खैर के कुछ पेड़ कटने की सूचना मिली है। मौके पर जा जाकर कटे पेड़ों को कब्जे में लिया जा रहा है। अवैध कटान को देखते हुए गश्त बढ़ाकर वन काटुओं को पकड़ा जाएगा।

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