अपने बेटे प्रिंस हैरी और बहू मेगन के अमेरिका से ब्रिटेन पहुंचने पर किंग चार्ल्स तृतीय ने सोमवार को कहा कि उनको शाही परिवार का कामकाजी सदस्य नहीं माना जाएगा।
शाही परिवार में झगड़े की वजह से ये दोनों 2020 में ब्रिटेन छोड़कर चले गए थे और शाही जिम्मेदारियां त्याग दीं। फिर पिछले महीने हैरी और मेगन अपने दो छोटे बच्चों के साथ रहने के लिए यूके लौट आए।
किंग चार्ल्स ने क्या कहा?
चार्ल्स ने चिट्ठी में साफ कहा है कि इस जोड़े की स्थिति आम नागरिकों जैसी है और उन्हें रॉयल हाइनेस कहकर नहीं बुलाया जाना चाहिए। बता दें कि वर्किंग रॉयल्स शाही परिवार के वे सदस्य होते हैं जो राजा या रानी की तरफ से आधिकारिक काम करते हैं। ऐसा करने के लिए उन्हें शाही परिवार के कामकाज से जुड़ी व्यवस्था (रॉयल हाउसहोल्ड) से प्रशासनिक और दूसरी तरह की मदद मिलती है।
शाही परिवार के सबसे वरिष्ठ अधिकारी लॉर्ड चेम्बरलेन की ओर से जारी एक पत्र में कहा गया है कि प्रिंस और मेगन के दूसरी जगह बसने के बाद मार्गदर्शन के लिए कई अनुरोध आए हैं। यह पत्र शक या उलझन से बचने में मदद करने के लिए जारी किया गया।
‘अब शाही परिवार के सदस्य नहीं ये लोग’
इसमें कहा गया है, “यह सभी जानते हैं कि जनवरी 2020 में ड्यूक और डचेस ने शासक की ओर से प्रतिनिधि के तौर पर निभाई जाने वाली जिम्मेदारियों से हटकर काम करना बंद कर दिया था और अब वे शाही परिवार के कामकाजी सदस्य नहीं हैं।”
इसमें आगे कहा गया, यह भूमिका, कामकाजी शाही परिवार द्वारा निभाए जाने वाले सरकारी और शाही कर्तव्यों से अलग है। साथ ही इससे इस जोड़े को अपनी मर्जी के मुताबिक आर्थिक आजादी और अपनी निजता की सुरक्षा बनाए रखने की जो छूट मिलती है, उसका पूरा सम्मान किया जाता रहेगा।
हैरी और मेगन ने ब्रिटेन में काराय बच्चों का दाखिला
खबरों के मुताबिक, हैरी और मेगन सेंट्रल इंग्लैंड के कॉट्सवोल्ड्स इलाके में रह रहे हैं और कहा जा रहा है कि उन्होंने आने वाले एकेडमिक ईयर के लिए अपने बच्चों का दाखिला वहां के प्राइवेट स्कूलों में कराया है। जब हैरी और उनकी पत्नी ने 2020 में शाही जिम्मेदारियां छोड़ दीं तो हैरी की दादी महारानी एलिजाबेथ ने उनसे रॉयल हाइनेस का खिताब, पुलिस सुरक्षा और सरकारी फंडिंग वापस ले ली।
पत्र में आगे कहा गया, “उनके लिए हिज और हर रॉयल हाइनेस जैसे सम्मानजनक संबोधन का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। ड्यूक और डचेस का चैरिटी का काम उनके लिए एक निजी मामला है और वे इसे अपनी निजी हैसियत से करते हैं। संक्षेप में, उनकी स्थिति उन निजी नागरिकों जैसी है जिनकी व्यावसायिक और चैरिटी से जुड़ी रुचियां हैं।”