रूस ने शनिवार को कहा कि उसने कभी अपने कब्जे में रहे शहर लाइमैन से अपने सैनिकों को वापस बुला लिया है।
मॉस्को ने यह घोषणा ऐसे समय की जब यूक्रेन ने अपने जवाबी हमलों के चलते और अधिक क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है।
रूस की तास और आरआईए समाचार एजेंसियों ने रूसी रक्षा मंत्रालय के हवाले से रूसी सैनिकों की वापसी की घोषणा की।
लाइमैन यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव से 160 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में है। यूक्रेन की सेना ने जवाबी हमलों में रूस के कब्जे से विशाल क्षेत्र छुड़ा लिया है।
रूसी अग्रिम पंक्ति के लिए प्रमुख परिवहन केंद्र लाइमैन जमीनी संचार और रसद दोनों के लिए महत्वपूर्ण स्थल रहा था।
अब रूस के हाथ से इसके निकल जाने से यूक्रेनी सैनिक लुहांस्क क्षेत्र में आगे तक बढ़ने की कोशिश कर सकते हैं जो रूस द्वारा शुक्रवार को एक जनमत संग्रह द्वारा अपनी भूमि में मिलाए गए चार क्षेत्रों में से एक है।
रूस द्वारा कराए गए जनमत संग्रह की हो रही है निंदा
वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूस द्वारा कराए गए जनमत संग्रह की काफी निंदा की जा रही है। यूक्रेन के चार कब्जे वाले क्षेत्रों में अधिकारियों ने सूचना दी है कि जनमत संग्रह में लोगों ने बढ़ चढ़कर रूस में शामिल होने के लिए वोट दिया है।
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार डोनेट्स्क और लुहान्स्क के पूर्वी क्षेत्रों में और दक्षिण में ज़ापोरिज्जिया और खेरसॉन में पांच दिनों तक चले मतदान में 87 प्रतिशत से 99।2 प्रतिशत तक लोगों ने रूस में शामिल होने के पक्ष में अपना मत दिया है। यह चार प्रान्त यूक्रेनी क्षेत्र का लगभग 15 प्रतिशत हिस्सा हैं।
वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूस द्वारा कराए गए जनमत संग्रह की काफी निंदा की जा रही है। यूक्रेन के चार कब्जे वाले क्षेत्रों में अधिकारियों ने सूचना दी है कि जनमत संग्रह में लोगों ने बढ़ चढ़कर रूस में शामिल होने के लिए वोट दिया है।
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार डोनेट्स्क और लुहान्स्क के पूर्वी क्षेत्रों में और दक्षिण में ज़ापोरिज्जिया और खेरसॉन में पांच दिनों तक चले मतदान में 87 प्रतिशत से 99।2 प्रतिशत तक लोगों ने रूस में शामिल होने के पक्ष में अपना मत दिया है। यह चार प्रान्त यूक्रेनी क्षेत्र का लगभग 15 प्रतिशत हिस्सा हैं।