सैयद जावेद हुसैन (सह संपादक- छत्तीसगढ़): धमतरी- हर वर्ष बारिश के मौसम के मद्देनजर एनजीटी के द्वारा 15 जून से 15 अक्टूबर तक खदानों में खनन कार्य बंद रखने के आदेश जारी किए जाते हैं।
इस वर्ष भी ये आदेश जिला कलेक्टर द्वारा जारी किया जा चुका है, लेकिन रेत माफिया हैं कि इन्हें किसी आदेश से कोई सरोकार नहीं है।
ऐसे में जानकारी मिली है कि जिला पंचायत का एक जनप्रतिनिधि कुछ लोगों के साथ मिलकर प्रतिबंधित क्षेत्र से रात के अंधेरे में रेत की चोरी कर पैसा गिनने में जुटा हुआ है।
वो प्रतिबंधित क्षेत्र गंगरेल बांध का किनारा है। जहां ग्राम बरारी के आश्रित ग्राम कोटाभर्री से रोजाना रात के अंधेरे में चैन माउंटेन मशीन से रेत की अवैध खुदाई जारी है।
सूत्रों ने बताया कि ये वही जनप्रतिनिधि है जो बीते दिनों रेत के अवैध उत्खनन के खिलाफ आधी रात रेत खदान में पहुंच काफी हंगामा किया था, मार भी खाया, अस्पताल में भर्ती भी रहा!
अब वही जनप्रतिनिधि अपने आवास के पास से धड़ल्ले से रेत चोरी करने में जुटा हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार अब तक लाखों की रेत यहां से निकाली जा चुकी है।
मालूम हो कि ये रेत माफिया उर्फ जनप्रतिनिधि इतना शातिर है कि रात भर मशीन से रेत निकालने के बाद सुबह होते ही चैन मशीन को जंगलों में छिपा देता है।
ऐसे में उस मशीन तक पहुंचने में वार्ता 24 न्यूज को उस इलाके में लगभग 1 घंटे से ज्यादा समय तक ख़ाक छाननी पड़ी तब कही जाकर मशीन नजर आई।
वहीं रोजाना पचासों हाइवा वाहनों के ग्राम कोटाभर्री से निकलने से गांव की सड़क भी खराब हो रही है, जिस पर सरपंच पति ने बताया कि जिला पंचायत सदस्य खूबलाल ध्रुव ने कहा है कि रोड खराब होगी तो उसकी मरम्मत मैं करवाऊंगा!
इसके अलावा जब सरपंच पति से हमने रेत के उत्खनन के बारे में पंचायत से किसी प्रस्ताव या परमिशन लेने का सवाल किया तो उसने बताया कि ग्राम पंचायत से किसी भी तरह की कोई परमिशन नही ली गई है, इस पर सरपंच पति इस मामले की शिकायत करने की बात भी बोला है।
जिले से खनिज अधिकारी के स्थानांतरण के बाद खनिज विभाग के अन्य अधिकारी, कर्मचारी भी आराम फरमा रहे हैं।
बहरहाल अब देखना होगा कि इस जनप्रतिनिधि के अवैध रेत खनन-परिवहन पर प्रशासनिक शिकंजा कब और कैसे कसा जायेगा।
इस मामले में जिले के कलेक्टर पीएस. एल्मा ने बताया कि कोटाभर्री गांव से अवैध रूप से रेत निकालने की जानकारी मिली है, जिस पर तहसीलदार समेत पुलिस अधिकारियों को मौके पर भेज कार्यवाही की जायेगी।