सैयद जावेद हुसैन (सह संपादक- छत्तीसगढ़) जंगली हाथी के हमले से एक युवक ने तोड़ा दम तो दूसरा गंभीर रूप से हुआ घायल!
घटना की जानकारी पर पुलिस अधीक्षक व विधायक समेत जनप्रतिनिधि पहुंचे घटना स्थल….
घटना पर जानें क्या कहा रेंजर ने….
धमतरी- जिले में हाथियों के आतंक से पहले ही अलग अलग इलाकों के लोग सहमे हुए है, ऐसे में एक दुःखद खबर सुबह आई जिसमे हाथियों के हमले से एक युवक की जान चली गई, तो दूसरा जख्मी हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मिली जानकी के अनुसार गंगरेल डैम के डुबान इलाके के ग्राम अरौद के आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता देख 2 युवक रात लगभग 2 बजे अपने घर वापस लौट रहे थे, तभी रास्ते में उनकी बाइक का पेट्रोल खत्म हो गया, दोनों ने बाइक को ग्राम बरबांधा में छोड़ पैदल अपने दोस्त के घर ग्राम सिलतरा की ओर निकल पड़े, आगे जंगल के बीच हाथी ने उन पर हमला कर दिया, जिसे देख दोनों युवक काफी दूर तक भागे, लेकिन हाथी के हमले से बच नहीं पाए।
एक युवक प्रियेश नेताम पिता शान्तनु नेताम उम्र 17 साल निवासी ग्राम चनागांव ने हाथी के हमले से मौके पर ही दम तोड दिया वहीं दूसरे युवक संदीप कुंजाम को गंभीर रूप से जख्मी कर हाथी जंगलों में चले गए, ज़ख्मी संदीप को 108 के माध्यम से नरहरपुर के शासकीय अस्पताल पहुंचाया गया जहां उसका उपचार जारी है।
घटना से दोनों युवकों के परिजनों समेत इलाके के लोग सदमे में हैं।
घटना की जानकारी पर वन अमला व केरेगांव थाना प्रभारी मौके पर पहुंच शव का पंचनामा कर पीएम हेतु जिला अस्पताल धमतरी रवाना किया गया।
इस दौरान जिला पंचायत सदस्य खूबलाल ध्रुव भी मौके पर पहुंच मृतक व घायल युवक के परिजनों से मिलकर अपनी संवेदना व्यक्त की, साथ ही हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।
बहरहाल इस हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक प्रशांत ठाकुर मौके पर पहुंच मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।
क्षेत्र की विधायक भी पहुंची…
विधायक रंजना डीपेंद्र साहू हमेशा से ही अपनी विधानसभा क्षेत्र की जनता के सुखदुख में सदैव उनके साथ खड़ी मिलती है। इस घटना की जानकारी पर भी वे घटना स्थल पर पहुंची, और परिजनों से मिलकर कर अपनी संवेदना व्यक्त की।
इसके साथ ही वे राज्यशासन व वन विभाग की नाकामियों को लेकर काफी आक्रोशित नजर आईं।
उन्होंने कहा कि जिले के अलग अलग इलाकों में घूम रहे हाथियों के झुंड ने अब तक कई मासूमों की जान ले ली है, साथ ही फसलों को रौंदकर नुकसान पहुंचाते रहे हैं वन क्षेत्र के रहवासियों के लिए हाथियों के झुंड अब मुसीबत बन गए हैं, आलम ये है कि जंगली क्षेत्र में लोग दहशत के साए में जीने को मजबूर है।
आगे विधायक ने कहा कि इतनी घटनाओं के बावजूद वनविभाग द्वारा इस दिशा में कुछ न करना यह चिंता का विषय है, शासन को हर स्तर पर इस चुनौती से निबटने वनविभाग के बड़े दस्ते को लगाना चाहिए साथ ही मृतक के परिवार को मुआवजा एवं परिवार के सदस्य को नौकरी देने की हम मांग करते हैं, वहीं घायल युवक के पूर्ण उपचार को बड़े अस्पताल में शासन के व्यय से करवाना यह सरकार सुनिश्चित करे।
गांव के बच्चों को स्कूल के लिए 4 किमी पैदल चलना पड़ता है जो कि वर्तमान समय में हाथी के दहशत से उनका पैदल आना जाना सुरक्षित नहीं है वन विभाग इन बच्चों के स्कूल आने जाने के लिए वाहन उपलब्ध करवाए।
स्थानीय वन अमले की नाकामी इस घटना का सबूत है, अगर विभाग हाथियों के झुंड को लेकर वाकई सक्रिय होता तो इस तरह की घटनाएं नही होती।
इस मामले में वन परिक्षेत्राधिकारी धमतरी महादेव कन्नौज ने बताया कि इस घटना में मृतक के परिजन को तत्काल ₹25000 व घायल युवक के उचित इलाज हेतु ₹5000 की सहायत राशि दी गई है, साथ ही मुआवजा प्रकरण बनाकर भेजा जा रहा है।
आगे उन्होंने बताया कि इलाके में वन अमले से सतत हाथी पर निगरानी रखी जा रही है, साथ ही इलाके में मुनादी भी करवाई जा रही है।