गौतम अडानी समूह को इजराइल सरकार से बड़ी राहत मिली है।
दरअसल, समूह को हाइफा पोर्ट (Haifa Port) के अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए डेढ़ महीने का वक्त मिल गया है।
आपको बता दें कि जुलाई माह में समूह की कंपनी अडानी पोर्ट्स ने इजराइल के सबसे बड़े बंदरगाहों में से एक हाइफा पोर्ट को खरीदने के लिए बोली जीत ली थी।
अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द से जल्द खत्म करनी थी लेकिन अडानी समूह ने इजराइल सरकार से कुछ वक्त मांगा था।
इजरायल के वित्त मंत्रालय ने बताया कि अडानी समूह के अनुरोध पर डेढ़ महीने का विस्तार किया गया है।
27 नवंबर की नई अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। इस मामले में अडानी समूह की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई।
बता दें कि यह डील 4.1 बिलियन शेकेल (1.18 बिलियन डॉलर) लगभग 9500 करोड़ रुपये में हुई है।
यह कारोबार 4.1 बिलियन शेकेल में अडानी पोर्ट्स ऑफ इंडिया और लोकल केमिक्ल और लॉजिस्टिक ग्रुप गैडोट को बेचेगा। यानी अडानी ने अपने पार्टनर गैडोट के साथ मिलकर यह डील पूरी है।
बता दें कि हाइफा भूमाध्यसागर तट पर स्थित इजराइल के सबसे बड़े पोर्ट्स में से एक है। इजराइल सरकार ने इस पोर्ट के प्राइवेटाइजेशन के लिए दुनियाभर की कंपनियों से बोली मंगवाई थी।