तृणमूल कांग्रेस (ममता गुट) के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित राय के विरुद्ध शालबनी जमीन भ्रष्टाचार मामले की जांच में असहयोग के आरोप पर सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार से पूछताछ का लिखित रिकॉर्ड तलब किया है।
राज्य सरकार ने मामले में सुमित राय की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान आरोप लगाया कि बड़ी नकद रकम जमा करने के मामले में सुमित से विस्तार से पूछताछ की गई, लेकिन उन्होंने कई सवालों के सीधे और स्पष्ट जवाब नहीं दिए तथा जांचकर्ताओं के सवालों से बचते रहे।
इसपर प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने निर्देश दिया कि पूछताछ का रिकॉर्ड मंगलवार या बुधवार तक बंद लिफाफे में अदालत में जमा किया जाए। मामले की अगली सुनवाई बुधवार को होगी।
मालूम हो कि बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के शालबनी थाने में सुमित के खिलाफ जमीन भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज हुई थी। इसी मामले में पुलिस उनकी तलाश करते हुए अभिषेक के कालीघाट स्थित आवास तक पहुंची थी। रात में आवास का ताला तोड़कर तलाशी ली गई थी, लेकिन सुमित वहां नहीं मिले।
इसके बाद उनके खिलाफ कई आरोपों में मामले दर्ज हुए। सुमित ने गिरफ्तारी से राहत के लिए अदालत का रुख किया था। इस मामले में गत आठ अगस्त को बंगाल सीआइडी ने सुमित से करीब 10 घंटे पूछताछ की थी।
इस बीच, कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित तृणमूल कार्यालय में हुई अशांति के मामले में सुमित सोमवार को फिर शेक्सपीयर सरणी थाने पहुंचे। इससे पहले गत बुधवार को उनसे थाने में कई घंटे पूछताछ हुई थी।