यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रविवार को कहा कि कीव और मॉस्को के सैनिकों के बीच पूर्वी यूक्रेन के महत्वपूर्ण शहर कोस्त्यांतैनिव्का पर नियंत्रण के लिए अभी भी लड़ाई जारी है।
इससे पहले, क्रेमलिन ने इस शहर पर पूरी तरह से कब्जा करने का दावा किया था, जिसे यूक्रेन ने सिरे से खारिज कर दिया है।
रूस ने इस सप्ताह के शुरू में घोषणा की थी कि उसने इस रणनीतिक चौकी पर कब्जा कर लिया है, जो डोनेट्स्क क्षेत्र के महत्वपूर्ण केंद्रों की ओर जाने वाले रास्ते पर स्थित है। हालांकि, कीव ने इसे पूरी तरह झूठ करार देते हुए कहा कि उसके सैनिक मुस्तैदी से शहर की रक्षा कर रहे हैं।
जेलेंस्की ने रूसी दावे को नकारा
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अपने डेली शाम के संबोधन में कहा कि कोस्त्यांतैनिव्का के लिए लड़ाई अभी भी जारी है, जिस पर रूसी नेता व्लादिमीर पुतिन पहले ही अपना दावा ठोक चुके हैं।
लेकिन यह बिल्कुल स्पष्ट है कि वह कभी भी वहां जाने की हिम्मत नहीं करेंगे। गौरतलब है कि साल 2022 में रूसी आक्रमण से पहले कोस्त्यांतैनिव्का की आबादी लगभग 78,000 थी।
नाटो शिखर सम्मेलन से पहले बड़े हमले की आशंका
जेलेंस्की ने चेतावनी दी है कि रूस इस सप्ताह तुर्की में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन से पहले नए बड़े पैमाने पर हमलों की तैयारी कर रहा है। इस सम्मेलन के दौरान जेलेंस्की द्वारा युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के साथ बातचीत करने की उम्मीद है।
जेलेंस्की ने कहा कि हमारी खुफिया एजेंसियों के पास एक बार फिर यह जानकारी आई है कि रूसी सेना एक नए और बड़े हमले की तैयारी कर रही है।
बता दें कि इसी सप्ताह जेलेंस्की ने कीव पर एक संभावित रूसी हमले की चेतावनी जारी की थी। उसके कुछ ही घंटों बाद मॉस्को ने यूक्रेनी राजधानी पर भीषण हमला किया, जिसमें 30 लोगों की जान चली गई थी।
रूस के भीतर यूक्रेनी हमलों के दिख रहे नतीजे
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने यह भी साझा किया कि रूस के भीतर किए जा रहे यूक्रेनी हमलेजो हाल के महीनों में यूराल तक पहुंचे हैं हर एक दिन नतीजे दे रहे हैं।
रूस के भीतर, विशेष रूप से रूसी तेल और ईंधन डिपो को निशाना बनाकर किए जा रहे कीव के बढ़ते हमलों ने वहां के आम जनजीवन को काफी प्रभावित किया है।
शांति के लिए रूस पर दबाव जरूरी
जेलेंस्की ने जोर देकर कहा कि शांति स्थापित करने के लिए रूस पर चौतरफा दबाव बनाया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि कीव ने अपने प्रस्ताव सामने रख दिए हैं और उन्हें उम्मीद है कि “आने वाले महीनों में गरिमापूर्ण शांति की शर्तें या तो ताकत के बल पर या फिर कूटनीति के जरिए करीब लाई जाएंगी।
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से यूरोप के इस सबसे बड़े रूस-यूक्रेन युद्ध को शुरू हुए अब करीब 4.5 साल हो चुके हैं। इस बीच, रविवार को भी यूक्रेन में रूसी ड्रोन और मिसाइल हमलों में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई।