प्रियंका प्रसाद (ज्योतिष सलाहकार): केवल व्हाट्सएप मेसेज 94064 20131
सोमवार का दिन भगवान भोलेनाथ का है। हम सब अक्सर मंदिर जाते हैं या घर की पूजा में ‘ॐ नमः शिवाय’ का जप करते हैं।
लेकिन, क्या आपने कभी महसूस किया है कि सालों तक जाप करने के बाद भी वो शांति या वो फल नहीं मिल रहा जिसकी आपने उम्मीद की थी?
दरअसल, महादेव जितने भोले हैं, उनके मंत्र उतने ही प्रभावशाली हैं। इन मंत्रों का जपने करने का एक खास सलीका होता है। ‘ॐ नमः शिवाय’ केवल 5 अक्षरों का मंत्र (पंचाक्षरी) नहीं है।
इसमें सृष्टि के पांचों तत्व- पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश समाए हैं। जब हम इसका जप करते हैं, तो हम अपने भीतर के इन पांचों तत्वों को संतुलित कर रहे होते हैं।
सोमवार को जाप की सही विधि
- वैसे तो महादेव हर वक्त जागृत हैं, लेकिन सोमवार को ‘ब्रह्म मुहूर्त’ (सुबह 4 से 6 बजे) या प्रदोष काल (सूर्यास्त के समय) में किया गया जाप सबसे जल्दी असर दिखाता है।
- स्नान के बाद सफेद या हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें।
- अगर आप माला से जाप कर रहे हैं, तो हमेशा ‘रुद्राक्ष’ की माला का ही प्रयोग करें। हर मनके के साथ मंत्र का उच्चारण साफ़ और शांत मन से करें।
- अगर आप भीड़ में हैं तो मन ही मन जप (मानसिक जप) करें, यह सबसे शक्तिशाली माना जाता है। अगर आप घर पर अकेले हैं, तो हल्का स्वर रखें ताकि मंत्र की ध्वनि आपके कानों तक पहुंचे।
- जप शुरू करने से पहले शिवजी को याद करें और अंत में अपनी भूल-चूक के लिए क्षमा मांगें। महादेव भाव के भूखे हैं, शब्दों के नहीं।
क्या कहते हैं शास्त्र?
इस मंत्र की महिमा और इसके नियमों का सबसे विस्तृत वर्णन ‘शिव पुराण’ के विद्येश्वर संहिता में मिलता है। इसके अलावा ‘लिंग पुराण’ और ‘स्कंद पुराण’ में भी बताया गया है कि ‘ॐ नमः शिवाय’ का निरंतर जप करने से मनुष्य को अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।