21 अप्रैल को आरक्षण आंदोलन के दौरान एक महिला ट्रैफिक जाम को लेकर महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन से भिड़ गई थी। अब इस महिला की पहचान हो गई। वर्ली की रहने वाली टीना चौधरी ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी किया।
उन्होंने बताया कि वह अपनी बेटी को म्यूजिक क्लास से लेने जा रही थीं, तभी उनकी कार डेढ़ घंटे तक फंसी रही।
‘वर्दी में आप ड्यूटी पर होते हैं’
महिला ने कहा, “मैं हर पुलिसवाले से मिली, लेकिन किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। मैंने प्लास्टिक की बोतल जमीन पर फेंकी थी, किसी इंसान पर नहीं। मेरे दादाजी भारतीय सेना में थे। मेरे पिताजी भी सेना में थे और उन्होंने इस देश के लिए दो लड़ाइयां लड़ी हैं। वर्दी में आप सेवा में होते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि आप किसी का अपमान करें या किसी को डराएं।”
‘महाजन ही मुझे सुनने के लिए तैयार थे’
उन्होंने कहा, “महाजन ही अकेले ऐसे व्यक्ति थे जो मेरी बात सुनने को तैयार थे। उनके कहने पर ही वहां खड़ी बसों को हटाया गया और हम वहां से निकल पाए।” चौधरी ने राजनीतिक पार्टियों से अपील की कि वे उनके कंधे का इस्तेमाल करके अपने विरोधियों पर निशाना न साधें, क्योंकि वे सभी एक ही अपराध के लिए बराबर के दोषी हैं। आम जनता के प्रति पूरी तरह से उपेक्षा और उदासीनता।”
‘मैं क्यों बनूं आपकी आवाज?’
उन्होंने कहा, “आप में से बहुत से लोगों (जनता) ने कहा कि ऐसी स्थिति में आप चाहते हैं कि मैं आपकी आवाज बनूं। क्यों? मैं ही आपकी आवाज क्यों बनूं? आपके पास अपनी आवाज भी तो है।”