अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रविवार को जापान में टोक्यो के ऐतिहासिक मंदिरों से लेकर अमेरिका में न्यूयार्क के मशहूर टाइम्स स्क्वायर तक शौकीनों ने योग करके भारत की इस प्राचीन परंपरा के जरिये ‘स्वस्थ बुढ़ापे’ का संदेश दिया।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा 2014 में इसे अपनाए जाने के बाद से हर वर्ष 21 जून को दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है।
स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग’ था। इसमें जीवन के हर पड़ाव पर शारीरिक तंदुरुस्ती, मानसिक मजबूती और संपूर्ण सेहत को बढ़ावा देने में योग की अहमियत पर जोर दिया गया।
टोक्यो के ऐतिहासिक सुकिजी होंगन-जी मंदिर में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित समारोह में योग के 2100 से अधिक शौकीनों ने हिस्सा लिया।
अमेरिका के डेलावेयर में और न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर पर भी अलग-अलग देशों के योग प्रेमियों ने योग किया।
मॉस्को में भारतीय दूतावास के जवाहरलाल नेहरू सांस्कृतिक केंद्र ने मास्को सिटी की सरकार के साथ मिलकर योग दिवस का आयोजन किया जिसमें सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया।
चीन के शंघाई में भारत के महावाणिज्य दूतावास द्वारा आयोजित कार्यक्रम में राजनयिकों व शिक्षाविदों सहित लगभग 400 लोगों ने योग किया।
ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त पी. कुमारन ने लंदन के हालैंड पार्क में योग के शौकीनों व भारतीय मूल के लोगों के साथ योग किया।
जर्मनी की राजधानी बर्लिन स्थित भारतीय दूतावास ने ‘आर्ट आफ लिविंग’ के सहयोग से 500 से अधिक लोगों के साथ योग दिवस मनाया।
ऑस्ट्रेलिया के कैनबरा में प्राचीन संसद भवन में बड़ी संख्या में लोगों ने ‘योग ऑस्ट्रेलिया’ के सीईओ जोश प्रायर के निर्देशन में योग किया।
सिंगापुर में राज्यमंत्री व भारतीय समुदाय समेत सैकड़ों लोगों ने जोश के साथ योग किया। न्यूजीलैंड में भारतीय उच्चायोग ने आर्ट आफ लिविंग फाउंडेशन के सहयोग से योग दिवस मनाया।
फिनलैंड में भारतीय दूतावास ने संसद भवन के सामने ऊडी लाइब्रेरी में योग सत्र का आयोजन किया। क्वालालंपुर में भारतीय उच्चायुक्त व नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारतीय संस्कृति केंद्र द्वारा आयोजित योग सत्र में 1100 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया।
इटली में मिलान स्थित मशहूर ‘आर्को डेला पेस’ पर लोगों ने योग किया। इसी तरह तुर्किये, स्पेन, सऊदी अरब, बांग्लादेश, नेपाल, कनाडा, श्रीलंका, ओमान, यूएई, स्लोवेनिया, रोमानिया, इंडोनेशिया, स्काटलैंड, मोजांबिक, आयरलैंड और कजाखस्तान में भी योग सत्रों का आयोजन किया गया।