प्रदेश सरकार मानसून में यमुना नदी के बढ़े हुए जल स्तर का सदुपयोग करना चाहती है, इसलिए महत्वाकांक्षी योजना तैयार की जा रही है। इसके तहत यमुना का पानी अरावली पहाड़ी तक पहुंचाया जाएगा। इस प्रस्ताव का उद्देश्य पहाड़ी क्षेत्र में जल संकट को कम करना और भूजल स्तर को बढ़ाना है।
सरकार की ओर से सिंचाई विभाग ने इस योजना के लिए आवश्यक अध्ययन कर लिया है। प्रस्ताव सिंचाई विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल के पास पहुंच गया है। उन्होंने सकारात्मक रुख अपनाया है। अब प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद योजना को गति मिलेगी।
इस तरह पहुंचेगा यमुना नदी का पानी
सिंचाई विभाग की ओर से इस परियोजना पर काम किया जाएगा। ददसिया गांव के पास से नदी बहती है। यहीं से तिलपत फायरिंग रेंज होते हुए बढ़े हुए जल स्तर को पाइपों के माध्यम से आगे ले जाया जाएगा। यह पाइप लाइन बुढ़िया नाले के किनारे से होते हुए हाईवे को पार करेगी और अनंगपुर गांव के पास पहाड़ी तक ले जाई जाएगी।
इस पाइप लाइन से प्रतिदिन 300 क्यूसेक पानी जा सकेगा। मानूसन के तीन महीने में नदी में खूब पानी होता है। इसलिए 90 दिन तक तय कृत्रिम तालाबों को भरा जाएगा।
इन तालाबों का पानी साफ कर आसपास के सेक्टर, कालोनी, सोसायटी व गांव तक पहुंचाया जाएगा। इस परियोजना की लागत करीब 500 करोड़ रुपये आंकी गई है। यदि यह योजना सिरे चढ़ जाती है तो आने वाले 50 साल तक
गुरुग्राम को भी होगा लाभ
यह योजना केवल फरीदाबाद के लिए नहीं है बल्कि गुरुग्राम के कई गांव तक भी पानी पहुंचेगा। फरीदाबाद में अनंगपुर के अलावा बड़खल झील के आसपास खाली पड़े कृत्रिम तालाबों में पानी भरा जाएगा। इसके अलावा पाली, मोहब्बताबाद, धौज, मांगर, कोट, खोरी, जमालपुर तक पानी जाएगा।
गुरुग्राम के मंडावर, लाला खेड़ली, निमोठ, दमदमा, हरचंदपुर तक पानी पहुंचाया जाएगा। इन इलाकों में माइनिंग की वजह से कृत्रिम तालाब बन गए हैं जो सूखे पड़े हैं। इन सभी में पानी भरने की योजना है।
इस योजना से आसपास के गांव के भूजल स्तर पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है। साथ ही आसपास के इलाकों को भरपूर पेयजल भी मिलता रहेगा।
भूजल स्तर के मामले में जिला डार्क जोन में
भूजल स्तर के मामले में फरीदाबाद डार्क जोन में है। यमुना नदी किनारे भी 80 से 100 फुट पर जल स्तर है। पहाड़ी इलाकों में तो यह जल स्तर 600 से 700 फुट तक पहुंच गया है। हालात चिंताजनक हैं। इसलिए सरकार भूजल स्तर बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रही है। इसी के तहत नदी के पानी को अरावली तक ले जाने की तैयारी है।