अमेरिका की अपनी पहली राजकीय यात्रा पर पहुंचे चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बुधवार को अमेरिका-चीन संबंधों में टकराव के बजाय सहयोग का रास्ता अपनाने की अपील की।
मैरीलैंड स्थित ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। सैन्य बैंड की धुनों के बीच लाल कालीन बिछाया गया और अमेरिका तथा चीन के झंडे लगाए गए।
यह स्वागत दोनों देशों के बीच तनाव के बावजूद संबंधों के महत्व को रेखांकित करता है। इसके बाद ट्रंप ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में भी चिनफिंग का जोरदार स्वागत किया। उन्होंने कहा कि चीनी राष्ट्रपति के साथ “वाकई बहुत अच्छी दोस्ती” कायम की है।
अमेरिका पहुंचने पर चिनफिंग ने ट्रंप से कहा कि चीन और अमेरिका, दो प्रमुख देशों के रूप में, सहयोग से लाभान्वित होंगे और टकराव में दोनों को ही नुकसान होगा।
रॉयटर के अनुसार, स्वागत के दौरान चिनफिंग ने कहा कि अमेरिका और चीन दोनों महान देश हैं और उनके हित गहराई से जुड़े हुए हैं। दोनों देशों को एक-दूसरे को प्रतिद्वंद्वी के बजाय साझेदार के रूप में देखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चीन का राष्ट्रीय पुनरुत्थान और अमेरिका को फिर महान बनाने का लक्ष्य साथ-साथ आगे बढ़ सकता है। उनके मुताबिक, दोनों देश सहयोग से लाभ उठा सकते हैं, जबकि टकराव दोनों के लिए नुकसानदेह होगा। प्रतिस्पर्धा हो, लेकिन वह स्वस्थ और एक तय दायरे में होनी चाहिए।
ट्रंप और चिनफिंग की गुरुवार को व्हाइट हाउस में औपचारिक बातचीत जारी रही। इसमें व्यापार, एआइ, ताइवान, दुर्लभ खनिज और ईरान समेत कई मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद है। ट्रंप ने कहा है कि सुरक्षा, टेक्नोलाजी और सुपर इंटेलिजेंस बातचीत के प्रमुख विषय होंगे।