हापुड़ में पुलिस की सुस्ती का फायदा अक्सर बदमाश उठाते हैं। अपराध होने के बाद उनके पर्दाफाश का प्रयास पुलिस करती है, लेकिन समय से पहले अपराध को रोकने के लिए पुलिस अपने कर्तव्य को ठीक से नहीं करती हैं।
यहीं कारण है कि बदमाश घटनाओं को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं और पुलिस सिर्फ लकीर पीटती रह जाती है। सात जनवरी लहड़रा गांव में नग्न अवस्था में मिले महिला के शव की घटना का पर्दाफाश तो दूर पहचान आज तक पुलिस नहीं कर पाई है।
कमोबेश यहीं हालत आलमनगर के पास 19 मार्च 2024 को रजवाहे में मिली अज्ञात महिला के शव की पहचान भी पुलिस आज तक नहीं कर पाई है।
पुलिस सुरक्षा को लेकर दैनिक जागरण टीम ने बहादुरगढ़ थानाक्षेत्र की लाइव रिपोर्टिंग की तो पुलिस चौकी, चेकपोस्ट आदि से गायब मिली।
सीन नंबर-एक
बहादुरगढ़ के सेहल चौराहे पर बनी इस चेक पोस्ट पर शाम 08:38 पर ताला लटका हुआ था। आसपास जानकारी करने पर पता चला कि अक्सर यहां पुलिस कर्मी दिन के समय में कुछ देर के लिए आते हैं। बाकि समय यहां ताला ही लटका रहता हैं। वहां लगा सीसीटीवी कैमरा भी बंद पड़ा हुआ था।
सीन नंबर-दो
बहादुरगढ़ कस्बे में पुलिस चौकी बनी हुई है, जिस पर दारोगा सहित कई पुलिस कर्मियों की डयूटी है। लेकिन जब यहां दैनिक जागरण की टीम ने 09:15 पर जाकर देखा तो वहां ताला लगा हुआ था। वहीं प्रांगण में कुछ बाइक खड़ी हुई थी।
सीन नंबर-तीन
सलारपुर से पलवाड़ा मार्ग होते हुए ब्रजघाट हाईवे तक प्रतिदिन हजारों की संख्या में वाहन टोल बचाने के चक्कर में निकलते हैं। ऐसे में पलवाड़ा मोड पर चेक पोस्ट बनाई हुई हैं। 09:28 पर यहां से वाहन गुजरते तो दिखाई दिए, लेकिन यहां दूर तक भी पुलिस कर्मियों का कोई पता नहीं था।
सीन नंबर-चार
गढ़-बुलंदशहर मार्ग एवं सलारपुर से ब्रजघाट मार्ग पर सलारपुर के पास भी चेकिंग प्वाईंट बना हुआ है। यहां 09:38 पर बैरियर तो लगे नजर आए, लेेकिन पुलिस यहां भी मौजूद नहीं थी।
सीन नंबर-पांच
इसी तरह सिंभावली एवं बहादुरगढ़ थाने की सीमा पर गंदूनगला के पास भी चेक प्वाईंट बना हुआ हैं, लेकिन यहां भी पुलिस का कोई अता पता नहीं था, जबकि यहां से अंधेरे में बाइक सवार एवं अन्य वाहन चालक गुजर रहे थे।