राष्ट्रीय महिला आयोग ने बुधवार को कहा कि उसने विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों को विस्तृत सुझाव भेजे हैं, जिसमें एसिड अटैक पीडि़ताओं की देखभाल, न्याय और पुनर्वास को मजबूत करने के लिए पीडि़ताओं पर केंद्रित ढांचे को रेखांकित किया गया है।
ये सुझाव 16 जनवरी को ‘नवजीवन: एसिड अटैक पीडि़ताओं के लिए देखभाल, न्याय और सम्मान पर परामर्श’ शीर्षक वाली राउंडटेबल पर आधारित हैं।
इन्हें गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और सामाजिक न्याय एवं सशक्तीकरण मंत्रालय को भेजा गया है।
आयोग का कहना है कि आवश्यक ‘गोल्डन आवर प्रोटोकाल’ को सभी सरकारी एवं निजी अस्पतालों में समान रूप से लागू किया जाना चाहिए।
साथ ही डाक्टरों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ, प्राइमरी स्वास्थ्य केंद्रों और आपात कर्मियों को एसिड अटैक मैनेजमेंट का आवश्यक प्रशिक्षण व प्रमाणन भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
‘गोल्डन आवर प्रोटोकाल’ एसिड अटैक के बाद के पहले 60 मिनट को दर्शाता है, जब तुरंत चिकित्सा सहायता से टिशू डैमेज को कम किया जा सकता है। आयोग ने जीवनभर मुफ्त इलाज, रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी को कवर करने वाले आयुष्मान भारत पैकेज और जलने पर देखभाल व पुनर्वास के लिए जिलास्तरीय केंद्र बनाने की सलाह दी है।
आयोग ने अस्पतालों में खास एसिड-अटैक सेल बनाने और सभी अस्पतालों में एसिड-अटैक पीडि़ताओं के लिए मुफ्त इलाज की जानकारी प्रदर्शित करने की भी सलाह दी है। साथ ही पुलिस, न्यायपालिका, अभियोजन, चिकित्सा कर्मियों व एनजीओ के लिए आवश्यक प्रशिक्षण, समुदायों के लिए संवेदीकरण कार्यक्रम और पीडि़ताओं के कल्याण की सभी योजनाओं में मानसिक-सामाजिक पुनर्वास को शामिल करने की बात कही है। न्याय दिलाने के लिए आयोग ने निर्धारित समयसीमा में फास्ट-ट्रैक जांच और मुकदमा चलाने का सुझाव दिया है।
तमिलनाडु में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म पर पुलिस से मांगी रिपोर्ट
तमिलनाडु के तिरुवन्नामलाई जिले के चेय्यार में एक नाबालिग लड़की के साथ हुए भयानक सामूहिक दुष्कर्म पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने बुधवार को स्वत:संज्ञान लिया और पुलिस से पांच दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट तलब की। आयोग ने कहा कि चेय्यार में 15 वर्षीय लड़की पर हुए इस क्रूर हमले ने युवा लड़कियों की सुरक्षा व संरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं।
साथ ही ऐसे जघन्य अपराधों के विरुद्ध तत्काल मजबूत रोकथाम उपाय और सुरक्षा तंत्र की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रदेश भाजपा का कहना है कि इस घटना ने द्रमुक सरकार की विफलता एवं प्रशासनिक अक्षमता को उजागर कर दिया है।