‘दोपहर 2 बजे के बाद जाएंगे’: CJI से फिर मुलाकात की मांग कर सकती है कांग्रेस, विरोध प्रदर्शन की तैयारी भी…

 कांग्रेस ने सोमवार को एसआईआर-मुख्य चुनाव आयुक्त के मुद्दे पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मिलने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की योजना बनाई थी, लेकिन रविवार देर रात सीजेआई द्वारा अपॉइंटमेंट की मांग ठुकरा दिए जाने के बाद उसे शायद कोई और विरोध कार्यक्रम बनाना पड़े।

कांग्रेस के बड़े नेता सोमवार को फिर से मीटिंग की मांग कर सकते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पर पोस्ट किया था कि मीटिंग तय हो गई है, जिससे विपक्ष के कई लोगों और कानूनी जानकारों को हैरानी हुई। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो यह अपनी तरह की पहली मीटिंग होगी।

टीएमसी सांसद ने क्या कहा?

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत रॉय ने कहा, “कल दोपहर 2 बजे के बाद हम इंडी ब्लॉक के साथ सीजेआई से मिलने जाएंगे। सरकार इतनी डरी हुई है कि उसने आम लोगों के लिए ट्रेनें भी रोक दी हैं। आप समझ सकते हैं कि लोगों को कितनी परेशानी हुई होगी। ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा हमारी मुख्य मांग है।”

राहुल गांधी ने रद किया कार्यक्रम

राहुल गांधी ने गोवा में एक चुनावी कार्यक्रम रद कर दिया और चेन्नई में छात्रों की गूंज कार्यक्रम के बाद घर लौट आए, ताकि कांग्रेस द्वारा योजनाबद्ध बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारियों पर नजर रख सकें।

उन्होंने नागरिकों, विपक्षी दलों और सिविल सोसाइटी से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च में शामिल होने की अपील की और कहा कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह, अजीत डोभाल और मोहन भागवत भारत की आवाज को दबा नहीं सकते।

राहुल ने एक्स पर कहा, “लोकतंत्र के लिए मार्च – दिल्ली चलो बाराखंभा रोड से शुरू होगा।” उन्होंने लोगों से वहां इकट्ठा होने को कहा। विरोध प्रदर्शनों पर पुलिस की कार्रवाई की आलोचना करते हुए खरगे ने कहा कि मोदी सरकार के तहत राजधानी में जो हो रहा है, वैसा इमरजेंसी के दौरान भी नहीं हुआ था।

‘अपनी चिंताएं उनके सामने रखेंगे’

उन्होंने कहा, “हम सीजेआई को हालात के बारे में बताएंगे। हम उनसे कुछ मांग नहीं सकते, लेकिन हाथ जोड़कर अपनी चिंताएं उनके सामने रखेंगे और उनसे दखल देने का अनुरोध करेंगे।” खरगे यह भी कहा कि उन्होंने और राहुल ने सीजेआई को पत्र लिखा है।

सूत्रों ने बताया कि सीजेआई को लिखे पत्र में उन्हें सौंपे जाने वाले ज्ञापन के मुख्य बिंदुओं के साथ-साथ पुलिस की कार्रवाई और उपद्रवियों द्वारा प्रदर्शनकारियों को परेशान किए जाने का भी जिक्र था। एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सभी राज्यों के पार्टी कार्यकर्ताओं से इस बड़े प्रदर्शन के लिए राजधानी में इकट्ठा होने को कहा।

हरियाणा के राव नरेंद्र, उत्तराखंड के गणेश गोदियाल और राजस्थान के गोविंद डोटासरा समेत राज्य अध्यक्षों ने पार्टी कार्यकर्ताओं को बड़ी संख्या में दिल्ली के लिए निकलने का निर्देश दिया है। यह इस बात का संकेत है कि विपक्षी पार्टी ने किस तरह की लामबंदी शुरू की है।

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