ईरान पर ट्रंप की नरमी क्यों? बोले- अपनी सुरक्षा के लिए मिसाइल रखना उसका अधिकार…

पिछले कुछ महीनों तक ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप अब तेहरान के प्रति अपेक्षाकृत नरम और संतुलित रुख दिखाते नजर आ रहे हैं।

फ्रांस में ईरान के साथ प्रारंभिक समझौता मसौदे पर हस्ताक्षर के बाद ट्रंप ने कहा कि ईरान को भी अपनी सुरक्षा जरूरतों के अनुरूप बैलिस्टिक मिसाइल रखने का अधिकार है।

ईरान पर नरम पड़े ट्रंप

रायटर्स के अनुसार, ट्रंप ने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि यदि सऊदी अरब, कतर और क्षेत्र के अन्य देश बैलिस्टिक मिसाइलें रख सकते हैं तो ईरान को भी उसी अनुपात में यह क्षमता रखने की अनुमति मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसी एक देश को पूरी तरह इस अधिकार से वंचित करना उचित नहीं होगा। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि ईरान के साथ अंतिम समझौता होने तक फारस की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति बनी रह सकती है।

ईरान को पैसा लौटाएंगे ट्रंप 

एएनआई के अनुसार, ईरान की विदेशों में फ्रीज की गई संपत्तियों के मुद्दे पर भी ट्रंप ने उदार रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यह धन ईरान का है और कूटनीतिक प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ उसे वापस मिलना चाहिए।

ट्रंप के मुताबिक, किसी देश की संपत्तियों को लंबे समय तक रोके रखना अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था और अमेरिकी डॉलर की विश्वसनीयता के लिए भी ठीक नहीं है।

डॉलर पर दुनिया का विश्वास 

उन्होंने कहा कि राजनीतिक दृष्टि से किसी देश की संपत्ति जब्त रखना आकर्षक लग सकता है, लेकिन वैश्विक निवेशकों और देशों का भरोसा बनाए रखना अधिक महत्वपूर्ण है।

ट्रंप ने माना कि डॉलर पर दुनिया का विश्वास तभी कायम रहेगा, जब अमेरिका अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नियमों का निष्पक्ष पालन करता दिखाई दे।

सीएनएन के अनुसार, प्रस्तावित समझौता लागू होने पर अमेरिका ईरान की फ्रीज की गई धनराशि और संपत्तियों तक उसकी पहुंच बहाल कर सकता है। इसके लिए दोनों देशों के बीच प्रक्रियागत सहमति बनाई जाएगी।

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