बिहार बंद और छात्रों के आंदोलन के दौरान जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रोहतास जिला प्रशासन की पूर्व तैयारियां कारगर साबित हुईं।
प्रशासन की सक्रिय रणनीति के कारण सासाराम, बिक्रमगंज सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बंद का व्यापक असर देखने को नहीं मिला और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।
बंद से एक दिन पहले ही जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी थी। जिला पदाधिकारी दीपक कुमार मिश्र और पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार के नेतृत्व में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने फ्लैग मार्च किया।
प्रतियोगी छात्रों से देर रात किया संवाद
शुक्रवार देर रात डीएम और एसपी स्वयं कुराईच महावीर मंदिर के समीप पहुंचे, जहां उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों से सीधे संवाद किया।
अधिकारियों ने युवाओं से अपनी ऊर्जा और सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मक एवं रचनात्मक कार्यों में करने की अपील की। साथ ही उन्हें कानून का पालन करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की सलाह दी।
प्रशासनिक अधिकारियों ने शहर के उन इलाकों का भी दौरा किया, जहां बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान संचालित होते हैं। इस दौरान कोचिंग संस्थानों की गतिविधियों पर नजर रखी गई।
इसके साथ ही विद्यार्थियों से उनके भविष्य, करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
लक्ष्य तय कर निरंतर मेहनत करने की सलाह
जिला पदाधिकारी दीपक कुमार मिश्र ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में स्पष्ट लक्ष्य होना सफलता की पहली शर्त है। बिना लक्ष्य के सफलता हासिल करना कठिन होता है।
उन्होंने कहा कि सफलता एक दिन में नहीं मिलती, बल्कि अनुशासन, धैर्य, निरंतर मेहनत और सही दिशा में किए गए प्रयासों से प्राप्त होती है।
उन्होंने छात्रों को असफलताओं से निराश होने के बजाय उनसे सीख लेने, समय का सदुपयोग करने, नियमित अध्ययन करने और आत्मविश्वास बनाए रखने की सलाह दी।
डीएम ने मोबाइल और सोशल मीडिया का इस्तेमाल केवल आवश्यक एवं सकारात्मक उद्देश्यों के लिए करने तथा अनावश्यक गतिविधियों से दूरी बनाए रखने का भी आह्वान किया।
राष्ट्र सेवा और नैतिक मूल्यों पर दिया जोर
डीएम ने कहा कि प्रशासनिक सेवा, पुलिस, सेना, शिक्षा, चिकित्सा या किसी भी क्षेत्र में कार्य करते हुए देश और समाज की सेवा की जा सकती है।
उन्होंने विद्यार्थियों से ईमानदार नागरिक बनने, कानून का सम्मान करने और समाज में सकारात्मक बदलाव के वाहक बनने का आग्रह किया।
वहीं पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि यदि वे अपनी प्रतिभा और ऊर्जा का सही दिशा में उपयोग करें तो न केवल अपना भविष्य संवार सकते हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों से धैर्य बनाए रखने, नियमित अभ्यास करने तथा ईमानदारी, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।
प्रशासन की इस पहल का असर शनिवार को बिहार बंद के दौरान स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। जिले में कहीं से भी किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली और सामान्य जनजीवन अपेक्षाकृत सुचारु बना रहा।