गर्मी का आगाज होते ही न केवल धरती तपने लगती है, बल्कि लोगों का स्वभाव भी चिड़चिड़ा होने लगता है। क्या आपने कभी गौर किया है कि भरी दोपहरी में ट्रैफिक जाम में फंसने पर या मामूली सी बात पर भी ज्यादा गुस्सा क्यों आता है?
दरअसल, इस बारे में डॉ. मीनाक्षी जैन (सीनियर कंसल्टेंट, साइकायट्री डिपार्टमेंट, अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद) बताती हैं कि बढ़ता तापमान केवल शरीर को ही नहीं थकाता, बल्कि यह हमारे मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक संतुलन को भी प्रभावित करता है। आइए समझें कि गर्मी के मौसम में झुंझलाहट और गुस्से के पीछे के मुख्य कारण क्या हैं और इससे कैसे बचा जाए।
शरीर और दिमाग पर बढ़ता तनाव
जब बाहर का तापमान बढ़ता है, तो हमारा शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए ज्यादा मेहनत करता है। दिल की धड़कन बढ़ जाती है और पसीना निकलने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। जब शरीर इसके कारण थकावट महसूस करता है, तो इसका सीधा असर दिमाग पर पड़ता है। इसलिए स्ट्रेस बढ़ने की वजह से गर्मी में छोटी-छोटी बातों पर भी गुस्सा आने लगता है।
डिहाइड्रेशन और मूड स्विंग्स
पसीने के जरिए शरीर से न केवल पानी, बल्कि जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स भी बाहर निकल जाते हैं। हल्का-सा डिहाइड्रेशन भी सिरदर्द, थकान और फोकस में कमी का कारण बन सकता है। जब दिमाग को हाइड्रेशन नहीं मिलता, तो मूड स्विंग्स होना स्वाभाविक है। ऐसे में अगर हम भीड़भाड़, ट्रैफिक या काम के दबाव में होते हैं, तो झुंझलाहट और भी ज्यादा होती है।
नींद में खलल
गर्मियों की लंबी और गर्म रातें अक्सर नींद की गुणवत्ता को खराब कर देती हैं। गर्मी और बेचैनी के कारण जब नींद पूरी नहीं होती, तो दिमाग का इमोशनल रेगुलेशन कमजोर पड़ जाता है। इसलिए भी छोटी-छोटी बातों पर झुंझलाहट होने लगी थी।
बच्चों और बुजुर्गों पर असर
तपती गर्मी का असर हर उम्र पर अलग होता है। बच्चे अक्सर ज्यादा गर्मी में बहुत ज्यादा चिड़चिड़े हो जाते हैं। वहीं, बुजुर्गों में यह मानसिक थकान और एनर्जी की कमी के रूप में दिखाई देता है।
गर्मियों में दिमाग को शांत रखने के उपाय
- भरपूर पानी पिएं- दिन भर में कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएं। नारियल पानी या नींबू पानी जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर ड्रिंक्स पिएं।
- हल्का खाना खाएं- भारी और मसालेदार खाना शरीर की गर्मी बढ़ाता है। मौसमी फल और सलाद खाएं।
- कैफीन से बचें- चाय और कॉफी शरीर को डिहाइड्रेट कर सकते हैं और घबराहट बढ़ा सकते हैं।
- दोपहर की धूप से बचें- कोशिश करें कि दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर कम निकलें।