बांग्लादेश ने अपने अधिकारियों को पाकिस्तान क्यों भेजा? इस फैसले के पीछे की बड़ी वजह आई सामने…

बांग्लादेश ने पाकिस्तान में एक ‘मिड-करियर प्रशिक्षण कार्यक्रम’ के लिए 12 वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा है, जिसके साथ उसने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली पिछली अंतरिम सरकार के दौरान शुरू की गई पहल को जारी रखा है।

यह कार्यक्रम सोमवार को शुरू हुआ और 1970 के दशक की शुरुआत के बाद से पाकिस्तान में वरिष्ठ बांग्लादेशी नौकरशाहों के लिए यह पहला व्यवस्थित प्रशिक्षण है। अतिरिक्त सचिव और संयुक्त सचिव रैंक के अधिकारी लाहौर स्थित सिविल सर्विसेज एकेडमी में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।

अधिकारियों का चुनाव क्यों है अहम?

इन लोगों को वाणिज्य, लोक प्रशासन और गृह मामलों के मंत्रालयों के साथ-साथ कैबिनेट डिवीजन से भी लिया गया है। यह चुनाव इसलिए अहम है क्योंकि शासन-प्रशासन में इन मंत्रालयों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है और पाकिस्तान के साथ इनके जुड़ाव से इस्लामाबाद को ढाका की प्रशासनिक व्यवस्था तक ज्यादा पहुंच मिल सकती है।

कार्यक्रम का खर्च पाकिस्तान उठाएगा

इस कार्यक्रम का पूरा खर्च पाकिस्तान उठाएगा, जिसमें बांग्लादेश की ओर से कोई वित्तीय योगदान नहीं होगा। लाहौर में पाकिस्तान प्रशासनिक सेवा (Pakistan Administrative Service) के कैंपस में आयोजित यह ट्रेनिंग, दोनों प्रशासनिक प्रणालियों के बीच तुलनात्मक सीख को बढ़ावा देने के लिए तैयार की गई है।

बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इसमें लोक प्रशासन में नवाचार, नीति निर्माण, शासन सुधार और आर्थिक प्रबंधन जैसे विषयों को शामिल किया जाएगा। शेख हसीना के सड़क प्रदर्शनों के जरिए सत्ता से हटाए जाने के बाद से दोनों देशों के बीच आपसी जुड़ाव बढ़ा है। इसके साथ ही व्यापार और कनेक्टिविटी में भी तेजी आई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *