अमेरिका के एविएशन सेफ्टी ग्रुप फाउंडेशन फॉर एविएशन सेफ्टी (FAS) ने भारत के एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) को पत्र लिखकर सवाल किया है कि उसने बोइंग 787 फ्लीट के लिए अंतरिम सुरक्षा सिफारिशें क्यों जारी नहीं की हैं। जबकि उसके पास पिछले साल अहमदाबाद में हुए उस क्रैश में शामिल विमान में लगातार सिस्टम फेलियर के सबूत मौजूद हैं, जिसमें 260 लोगों की मौत हो गई थी।
एफएएस ने बताया कि पिछले एक साल में उसे क्रैश हुए एयर इंडिया 171 विमान (VT-ANB) से जुड़े 100 से ज्यादा ऐसे दस्तावेज मिले हैं जो सार्वजनिक नहीं किए गए थे। एफएएस ने ये दस्तावेज यूके एएआईबी के एक एक्सपर्ट के जरिए एएआईबी को भेजे।
29 अगस्त को भेजे गए ईमेल में क्या कहा गया?
एफएएस के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एड पियर्सन ने 29 अगस्त को एएआईबी के डायरेक्टर जनरल को भेजे एक ईमेल में कहा, “ये दस्तावेज उस दुर्घटनाग्रस्त विमान के ऑपरेशनल इतिहास को फिर से समझने के लिए बहुत जरूरी हैं। इन दस्तावेजों में विमान के इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक और/या फ्लाइट कंप्यूटर सिस्टम से जुड़ी लगातार और सिस्टम से जुड़ी खराबी के बारे में साफ-साफ जानकारी दी गई है।”
इसमें आगे कहा गया, “सार्वजनिक घोषणाओं में इस जानकारी को जानबूझकर न बताकर एएआईबी अपने मुख्य मकसद समय पर और पारदर्शी तरीके से भविष्य की दुर्घटनाओं को रोकने में नाकाम हो रहा है। बोइंग की रेंटन 737 फैक्ट्री में सेफ्टी मैनेजर ने बहुत ज्यादा काम के बोझ और गलतियां करने वाली प्रोडक्शन टीमों के बारे में अंदरूनी चेतावनी दी थी, लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया।”
ईमेल में कहा गया, “बाद में उन्होंने एफएएस की स्थापना की जो 737 मैक्स क्रैश और खुलासों के बाद बोइंग की मैन्युफैक्चरिंग और सेफ्टी प्रक्रियाओं की बारीकी से जांच करने के अपने काम के लिए चर्चा में आया। सबसे अहम बात यह है कि सिस्टम में लगातार और खतरनाक खामियों के सबूत होने के बावजूद एएआईबी ने ग्लोबल एविएशन कम्युनिटी के लिए कोई भी अंतरिम सेफ्टी सुझाव या चेतावनी जारी नहीं की है।”
चेतावनियों पर नहीं दिया गया ध्यान
बोइंग की रेंटन 737 फैक्ट्री में पूर्व सीनियर मैनेजर पियर्सन ने बहुत ज्यादा काम के बोझ और गलतियां करने वाली प्रोडक्शन टीमों के बारे में अंदरूनी चेतावनी दी थी, जिस पर उनके अनुसार कोई ध्यान नहीं दिया गया। बाद में उन्होंने एफएएस की स्थापना की जो 737 मैक्स क्रैश के बाद बोइंग के मैन्युफैक्चरिंग और सुरक्षा तौर-तरीकों की जांच करने के अपने काम के लिए चर्चा में आया और तब से एआई171 जांच को लेकर एएआईबी पर दबाव बना रहा है।
एएआईबी ने क्या जवाब दिया?
21 अगस्त के एक पत्र में एफएएस ने जांच में एक स्टेकहोल्डर के तौर पर औपचारिक मान्यता और अपनी तकनीकी जानकारियों को जांच के रिकॉर्ड में शामिल करने का अनुरोध किया था। एएआईबी के 26 अगस्त के जवाब में पुष्टि की गई कि उसे 10 जून को यूके AAIB के एक एक्सपर्ट के जरिए दस्तावेज मिले थे और उसकी जांच टीम ने उनकी समीक्षा की थी। साथ ही यह भी कहा गया कि जांच संबंधित नियमों के तहत निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की गई।
एएआईबी ने एफएएस के 28 अगस्त के पत्र का कोई जवाब नहीं दिया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि एजेंसी बी787 की सुरक्षा से जुड़ी अहम जानकारी छिपा रही है।