मुंबई पर किसका चलेगा शासन? महाराष्ट्र की बीएमसी समेत 29 नगर निकायों के लिए मतदान शुरू…

देश की सबसे अमीर महानगरपालिका, ‘बृहन्मुंबई नगर निगम’ (BMC) के चुनाव आज महाराष्ट्र की राजनीति के लिए सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होने जा रहे हैं।

यह चुनाव न केवल मुंबई के भविष्य का फैसला करेंगे, बल्कि शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे के राजनीतिक अस्तित्व की भी अग्निपरीक्षा हैं।

महाराष्ट्र की बीएमसी समेत 29 नगर निकायों के लिए आज वोटिंग हो  रही है

उद्धव ठाकरे के लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति

एकनाथ शिंदे की बगावत और पार्टी के विभाजन के बाद, यह पहला मौका है जब उद्धव ठाकरे अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगे।

मुंबई को शिवसेना का अभेद्य किला माना जाता रहा है, लेकिन इस बार शिंदे गुट और भाजपा की साझा चुनौती ने उद्धव के लिए राह कठिन कर दी है।

राज ठाकरे की मनसे (MNS) का रुख

इस चुनाव में राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) एक ‘एक्स-फैक्टर’ बनकर उभरी है। गठबंधन की चर्चाओं और चुनौतियों के बीच, राज ठाकरे का मराठी कार्ड उद्धव ठाकरे के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगा सकता है।

भाजपा का बढ़ता प्रभाव और रणनीतिक घेराबंदी

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पिछले कुछ वर्षों में मुंबई में अपना जनाधार काफी मजबूत किया है।

प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे और हिंदुत्व के एजेंडे के साथ भाजपा इस बार बीएमसी की सत्ता से शिवसेना को बेदखल करने की पूरी कोशिश में है। राज्य चुनाव आयोग की साइट पर उम्मीदवारों और मतदान केंद्रों की जानकारी ली जा सकती है।

प्रमुख चुनावी मुद्दे: मुस्लिम वोट और जलभराव

मुस्लिम मतदाता: इस बार मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण उद्धव ठाकरे की जीत-हार में बड़ी भूमिका निभाएगा। भाजपा इसे लेकर आक्रामक है, वहीं उद्धव इसे ‘संविधान बचाने’ की लड़ाई बता रहे हैं।

जलभराव: हर मानसून में मुंबई का डूबना एक बड़ा मुद्दा है। विपक्ष ने बीएमसी में सालों से काबिज शिवसेना को बुनियादी ढांचे और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरा है।

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