मादुरो के जाने के बाद वेनेजुएला की सत्ता कौन संभाल रहा है और अब आगे क्या होगा?…

 वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अपनी गिरफ्त में लेने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा था कि उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने शपथ ले ली है और उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से बात की है।

इस घोषणा से ऐसा लगा कि वेनेजुएला में मादुरो शासन का पूरी तरह अंत हो गया है। लेकिन ऐसा नहीं है, सत्ता अभी भी अपदस्थ राष्ट्रपति के वफादारों के हाथ में है।

यह इस बात से साबित होता है कि ट्रंप की घोषणा के कुछ ही देर बाद रोड्रिगेज अपने भाई व नेशनल असेंबली के प्रमुख जार्ज रोड्रिगेज, आंतरिक मंत्री डियोसडाडो कैबेलो एवं रक्षा मंत्री व्लादिमीर पैड्रिनो लोपेज के साथ सरकारी टेलीविजन पर आईं और कहा कि मादुरो ही वेनेजुएला के राष्ट्रपति हैं।

सभी का एक साथ आना दिखाता है कि मादुरो के साथ सत्ता साझा करने वाला समूह अभी एकजुट है।

‘हमारी संप्रभुता का उल्लंघन किया गया’

डेल्सी रोड्रिगेज और लोपेज ने साफ कहा कि मादुरो के समय की सरकार अभी भी सत्ता में है। एक जोशीले भाषण में लोपेज ने दशकों पुराने वेनेजुएला के राष्ट्रवाद की बात की और कहा कि देश की सेना रक्षा, आंतरिक व्यवस्था बनाए रखने और शांति बनाए रखने के लिए अपनी सभी उपलब्ध क्षमताओं का इस्तेमाल करती रहेगी। वर्दी पहने सैनिकों के साथ खड़े होकर उन्होंने कहा, ”हमारी संप्रभुता का उल्लंघन किया गया है।”

आंतरिक मंत्री कैबेलो ने एक ऑडियो संदेश में शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा, ”यहां रिवोल्यूशनरी फोर्स की एकता पूरी तरह से पक्की है और यहां सिर्फ एक राष्ट्रपति हैं, जिनका नाम निकोलस मादुरो मोरोस है। कोई भी दुश्मन की उकसावे वाली बातों में न आए।”

डेल्सी रोड्रिगेज ने भी सार्वजनिक रूप से ट्रंप के उस दावे का खंडन किया कि वह अमेरिका के साथ काम करने को तैयार हैं।

मचाडो के साथ काम नहीं करेंगे ट्रंप

अमेरिका में पेंटागन के अधिकारियों ने भी पुष्टि की कि फिलहाल वेनेजुएला में कोई अमेरिकी सैनिक नहीं है।

ट्रंप ने शनिवार को विपक्ष की नेता और नोबेल पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो के साथ काम करने की संभावना यह कहकर खत्म कर दी थी कि उन्हें वेनेजुएला में जनसमर्थन हासिल नहीं है। मचाडो को मादुरो का सबसे मुखर विरोधी माना जाता है।

अब वेनेजुएला में आगे क्या होगा?

  • दरअसल, एक दशक से अधिक समय से वेनेजुएला में असली ताकत वरिष्ठ अधिकारियों के एक छोटे से समूह के पास रही है। विश्लेषकों और अधिकारियों का कहना है कि इस समूह में नागरिक एवं सैन्य संतुलन बना रहता है। हर सदस्य के अपने हित और प्रोटेक्शन नेटवर्क होते हैं। अभी रोड्रिगेज और उनके भाई नागरिक पक्ष का प्रतिनिधित्व करते हैं। पैड्रिनो और कैबेलो सैन्य पक्ष का प्रतिनिधित्व करते हैं।
  • वर्तमान एवं पूर्व अमेरिकी अधिकारियों और वेनेजुएला व अमेरिका के सैन्य विश्लेषकों के मुताबिक, सत्ता के इसी ढांचे के कारण वेनेजुएला की मौजूदा सरकार को भंग करना मादुरो को हटाने से ज्यादा मुश्किल है।
  • कैबेलो को लेकर बड़ा सवाल है, जिनका देश की सैन्य एवं नागरिक खुफिया एजेंसियों में काफी प्रभाव है। ये एजेंसियां बड़े पैमाने पर घरेलू स्तर पर जासूसी करती हैं। वेनेजुएला के सैन्य रणनीतिकार जोस गार्सिया ने कहा, ”अब फोकस डियोसडाडो कैबेलो पर है क्योंकि वह वेनेजुएला शासन में सबसे अधिक वैचारिक, हिंसक और अप्रत्याशित हिस्सा है।”
  • हाल के हफ्तों में जब अमेरिका ने लातिन अमेरिका में दशकों में अपनी सबसे बड़ी सैन्य तैयारी की तो कैबेलो ने लाइव टीवी पर सैन्य खुफिया इकाई डीजीसीआईएम को आदेश दिया था कि जाकर आतंकियों को पकड़ो और चेतावनी दी थी कि जो भी भटकेगा, हमें पता चल जाएगा। उन्होंने शनिवार को सरकारी टेलीविजन पर भी अपनी बात दोहराई।
  • कैबेलो सरकार समर्थक मिलीशिया के साथ भी करीब से जुड़े रहे हैं, खासकर मोटरसाइकिल चलाने वाले हथियारबंद लोगों के ग्रुप से, जिन्हें कोलेक्टिवोस कहा जाता है। कैबेलो पूर्व सैन्य अधिकारी हैं, जिनका सेना के एक बड़े हिस्से पर प्रभाव है, भले ही वेनेजुएला की सेना को 10 वर्ष से अधिक समय से रक्षा मंत्री पैड्रिनो औपचारिक रूप से चला रहे हैं।

क्या कैबेलो करेंगे अमेरिका से डील?

एक वकील ने बताया कि मादुरो के पकड़े जाने के बाद दर्जनभर पूर्व व वर्तमान जनरलों ने अमेरिका से डील के लिए संपर्क किया है, लेकिन कैबेलो के करीबी लोगों ने कहा कि उनकी फिलहाल डील करने में दिलचस्पी नहीं है।

गौरतलब है कि वेनेजुएला में 2,000 से अधिक जनरल और एडमिरल हैं, जो अमेरिका की संख्या से दोगुने से भी अधिक हैं।

वरिष्ठ एवं सेवानिवृत्त अधिकारी खाने के सामान, कच्चे माल और सरकारी तेल कंपनी पीडीवीएसए को नियंत्रित करते हैं, जबकि दर्जनों जनरल निजी कंपनियों के बोर्ड में शामिल हैं।

ठेकों के अलावा सैन्य अधिकारी गैरकानूनी व्यापार से भी मुनाफा कमाते हैं।

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