भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा गिरफ्तार किए गए अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक एक विवादास्पद व्यक्ति, जिसे अक्सर “भाड़े का सैनिक” और “सुरक्षा विश्लेषक” के रूप में जाना जाता है।
एनआईए ने मैथ्यू और छह यूक्रेनी नागरिकों को ड्रोन युद्ध प्रशिक्षण, अवैध सीमा पार और म्यांमार में जातीय सशस्त्र समूहों को सहायता देने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
मैथ्यू वैनडाइक का बैकग्राउंड
- जन्म और शिक्षा: 11 जून 1979 को मैरीलैंड, अमेरिका में जन्म हुआ। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड, बाल्टीमोर काउंटी से पॉलिटिकल साइंस में बैचलर और जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी से सिक्योरिटी स्टडीज में मास्टर्स किया।
- प्रारंभिक करियर: डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर, युद्ध संवाददाता और मोटरसाइकिल से उत्तर अफ्रीका-मध्य पूर्व की यात्रा करने वाले यात्री के रूप में जाना जाता है। 2008-2011 के दौरान उन्होंने लीबिया, इराक, अफगानिस्तान आदि में फिल्में बनाईं।
- लीबिया गृहयुद्ध (2011): लीबिया में गद्दाफी के खिलाफ विद्रोहियों के साथ लड़ते हुए शामिल हुआ। वह लीबिया में कैद रहा और छह महीने तक युद्धबंदी रहा। रिहाई के बाद वह अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चित हो गया।
भारत में गिरफ्तारी
एनआईए के अनुसार, वैनडाइक कोलकाता एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किए गए, जबकि तीन यूक्रेनी लखनऊ और तीन दिल्ली से पकड़े गए। सभी सात आरोपियों को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां विशेष एनआईए अदालत ने उन्हें UAPA के तहत 11 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया। अगली पेशी 27 मार्च को होगी।
आरोप
- पर्यटक वीजा पर भारत में प्रवेश कर मिजोरम के प्रतिबंधित क्षेत्रों में गए।
- बिना परमिट के म्यांमार में अवैध प्रवेश।
- भारत में प्रतिबंधित कुछ विद्रोही समूहों को हथियार, ड्रोन और सैन्य/ड्रोन युद्ध प्रशिक्षण दिया।
- यूरोप से बड़ी संख्या में ड्रोन भारत के रास्ते म्यांमार भेजे गए, जिनका इस्तेमाल सशस्त्र समूहों द्वारा किया जाना था।
यह मामला म्यांमार के गृहयुद्ध, पूर्वोत्तर भारत की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय “प्रॉक्सी” या भाड़े के सैनिकों की गतिविधियों से जुड़ा माना जा रहा है।