ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई पिछले दो महीनों से न तो किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में दिखाई दिए हैं और न ही उनका कोई वीडियो संदेश सामने आया है। इसी के बाद उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और सत्ता पर पकड़ को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान की सर्वोच्च सत्ता संभाली थी। अली खामेनेई फरवरी में तेहरान पर हुए अमेरिका-इजरायल हमले में मारे गए थे।
उस हमले में उनके परिवार के कई सदस्य भी जान गंवा बैठे थे। अब रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि उसी हमले में मोजतबा खामेनेई भी घायल हुए थे।
हमले में घायल हुए थे मोजतबा?
फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी अधिकारियों ने धीरे-धीरे यह स्वीकार करना शुरू किया है कि मोजतबा खामेनेई हमले के दौरान चोटिल हुए थे।
सुप्रीम लीडर कार्यालय के प्रोटोकॉल प्रमुख मजाहर होसैनी ने बताया कि धमाके के समय खामेनेई सीढ़ियों से नीचे उतर रहे थे। विस्फोट की तेज लहर के कारण वह जमीन पर गिर पड़े, जिससे उनके घुटने, कमर और कान के पीछे चोट आई।
हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने उन दावों को खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि खामेनेई गंभीर रूप से घायल हैं या उनकी मौत हो चुकी है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमनपोर ने यह भी नकारा कि उनके चेहरे को कोई नुकसान पहुंचा है या शरीर का कोई अंग काटना पड़ा है।
क्यों नहीं आ रहे सार्वजनिक रूप से सामने?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान को डर है कि इजरायल मोजतबा खामेनेई को निशाना बना सकता है। इसी वजह से उनकी सुरक्षा अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ा दी गई है।
फाइनेंशियल टाइम्स और CNN की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि खामेनेई अब इलेक्ट्रॉनिक संचार से भी बच रहे हैं। कहा जा रहा है कि फोन या इंटरनेट के जरिए बातचीत करने के बजाय संदेश भरोसेमंद दूतों के हाथों भेजे जा रहे हैं, ताकि किसी तरह की ट्रैकिंग या निगरानी से बचा जा सके।
परमाणु वार्ता के बीच बढ़ा दबाव
मोजतबा खामेनेई की गैरमौजूदगी ऐसे समय में चर्चा का विषय बनी है, जब ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनावपूर्ण बातचीत जारी है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने हाल ही में दावा किया था कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से खामेनेई से मुलाकात की है। इसे इस संदेश के तौर पर देखा गया कि सुप्रीम लीडर अब भी फैसले ले रहे हैं और सत्ता पर उनकी पकड़ कायम है।
बताया जा रहा है कि मोजतबा खामेनेई ने खुद आदेश दिया है कि ईरान का संवर्धित यूरेनियम भंडार देश से बाहर नहीं जाएगा। यह अमेरिका की प्रमुख मांगों में से एक रही है।
ट्रंप ने भी उठाए सवाल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने पिछले महीने ईरान की नेतृत्व व्यवस्था पर तंज कसते हुए कहा था कि तेहरान के शासक ‘पूरी तरह उलझन में हैं’ और ‘उन्हें खुद नहीं पता कि उनका नेता कौन है।’